
शेयर बाजार में लगातार बेचैनी बनी हुई है। सेंसेक्स और निफ्टी आज 10 दिसंबर को लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि निवेशक इस समय एक बड़े फैसले का इंतजार कर रहे हैं। भारत के साथ पूरी दुनिया के मार्केट्स की इस फैसले पर नजर हैं। अमेरिका की फेडरल रिजर्व बैंक आज देर रात यह फैसला सुनाने वाली है। माना जा रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक आज लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में कटौती करने की तैयारी में है।
लेकिन असली सवाल यह नहीं है कि कटौती होगा कि नहीं? असली बात यह कि फेडरल रिजर्व नए साल 2026 की पॉलिसी को लेकर क्या संकेत देता है? यही सवाल बाजार की धड़कनें बढ़ा रहा है। क्या अमेरिकी फेडरल रिजर्व आज ब्याज दरों को घटाएगा और क्या ये रेट कट का आखिरी पड़ाव है?
अमेरिका का फेडरल रिजर्व बैंक आज अपनी दो-दिवसीय बैठक के नतीजों का ऐलान करने वाला है। ज्यादातर अर्थशास्त्री, और Reuters का सर्वे ये कह रहे हैं कि फेडरल रिजर्व बैंक आज ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट, यानी चौथाई फीसदी की कटौती कर सकता है। इससे अमेरिका की फेडरल फंड रेट 3.5 – 3.75% के बीच आ जाएगी। शेयर मार्केट भी इसी की उम्मीद में बैठा है। लेकिन बाजार का असली ध्यान इस कटौती के बाद फेडरल रिजर्व बैंक के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के प्रेस कॉन्फ्रेंस और उनके बयानों पर टिकी है।
क्या रेट कट का दौर अब रुकने वाला है?
कई बड़े ब्रोकरेज हाउस, जिसमें गोल्डमैन सैक्स भी शामिल हैं, इनका कहना है कि फेडरल रिजर्व आज भले ब्याज दरों में कटौती कर दे, लेकिन यहां से आगे किसी तरह का रेट कट आसान नहीं है। उनका कहना है कि अमेरिका में महंगाई दर अभी भी 2.8% पर बनी हुई है, जो फेडरल रिजर्व के 2% के लक्ष्य से ऊपर है। ऐसे में अगर ब्याज दरें और घटती हैं, तो इस लक्ष्य का पाना मुश्किल हो सकता है। ट्रंप टैरिफ से कीमतों में हुई बढ़ोतरी भी अनिश्चितता को बढ़ा रहे हैं। इस बीच एक और बड़ा झटका तब लगा, जब अमेरिकी सरकार के शटडाउन ने पिछले महीने कई जरूरी आर्थिक आंकड़ों की रिपोर्ट को रोक दिया। यानी फेडरल रिजर्व के पास सही फैसला लेने के लिए अभी पर्याप्त आंकड़े ही नहीं है।
आज फेडरल रिजर्व बैंक क्या फैसला लेगा?
ज्यादातर एक्सपर्ट्स का कहना है कि फेडरल रिजर्व बैंक आज ब्याज दरों में कटौती का फैसला कर सकता है, लेकिन इसके साथ ही वह ‘हॉकिश’ रुख का भी संकेत दे सकता है। यानी फेडरल रिजर्व बैंक यह संकेत दे सकता है वह आगे ब्याज दरों में तेजी से कटौती नहीं कर सकता है।
फेडरल रिजर्व के रुख को समझने के लिए नए आर्थिक अनुमानों पर सबकी नजरें होगी। इससे ही यह संकेत मिलेंगे कि 2026 में ब्याज दरों में किस स्तर तक की कटौती हो सकती है। फिलहाल फेड अधिकारियों के अनुमान एक-दूसरे से काफी अलग हैं। कुछ को लगता है कि महंगाई ज्यादा समय तक बनी रह सकती है, इसलिए पॉलिसी में सख्ती लाई जानी चाहिए। वहीं दूसरे कहते हैं कि लेबर मार्केट ठंडा हो रहा है, इसलिए साल 2026 में और कटौती जरूरी होगी। यानी फेड रिजर्व बैंक के अंदर इस मुद्दे पर कोई सहमति नहीं दिख रही और यही ग्लोबल बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा रहा है।
क्वांटिटेटिव टाइटनिंग (QT) पर भी बाजार की नजर
ब्याज दरों के अलावा इस बार एक और संकेत पर सबकी नजरें होंगी। शेयर बजार यह जानना चाहेंगे कि क्या फेडरल रिजर्व अपनी बैलेंस शीट को लेकर क्या संकेत देता है। पहले ऐसे संकेत मिल चुके हैं कि फेडरल रिजर्व क्वांटिटेटिव टाइटनिंग (QT) यानी बॉन्ड बेचकर लिक्विडिटी घटाने की प्रक्रिया को रोक सकता है। कुछ संकेत मिले हैं कि फेडरल रिजर्व लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए भविष्य में बॉन्ड की खरीदारी तक कर सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो यह शेयर मार्केट के लिए एक बड़ा संकेत होगा।
कुल मिलाकर इन्हीं अनिश्चितताओं के चलते इस समय पूरे ग्लोबल मार्केट पर दबाव देखा जा रहा है। अमेरिकी शेयर मार्केट भी लाल निशान में हैं। शंघाई, हांगकांग, टोक्यो के बाजारों में भी कमजोरी बनी हुए हैं। भारत में भी Sensex और Nifty लगातार तीन दिनों से गिरावट के दौरान में हैं।
अगर फेडरल रिजर्व बैंक 2026 में कटौती जारी रहने का संकेत देता है, तो अधिकतर एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर मार्केट लिए यह बेहद पॉजिटिव खबर हो सकती है। वहीं अगर इसका उल्टा होता है, तो बाजार पर दबाव देखा जा सकता है।
कब आएगा फैसला?
फैसला भारतीय समय के अनुसार गुरुवार तड़के 12:30 बजे आएगा, और इसके तुरंत बाद पॉवेल की प्रेस ब्रीफिंग होगी, जहां से साफ होगा कि फेड महंगाई से निपटने के अगले चरण को किस तरह संभालने की योजना बना रहा है।
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