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Shamshan Vidya: हिंदू धर्म में कई तरह की विद्याएं हैं, जिन्हें चौदह 14 मुख्य विद्याओं में बांटा गया है, जो सांसारिक और आध्यात्मिक ज्ञान का संतुलन दर्शाती हैं. इसी तरह एक होती है श्मशान विद्या जो तंत्र साधना का एक प्राचीन हिस्सा है, तंत्र साधना न सिर्फ हिंदू बल्कि अन्य धर्मों में भी की जाती है. आइए जानते है श्मशान विद्या क्या होती है, क्या इसे आमजन कर सकता है.

श्मशान विद्या क्या है ?

शमशान विद्या एक रहस्यमयी और शक्तिशाली तांत्रिक साधना है इसे तंत्र साधना का एक गूढ़ और विशेष अंग माना गया है, जो मुख्य रूप से शमशान या श्मशान घाटों में की जाती है. श्मशान विद्या तांत्रिक और अघोरी साधना है जो योग्य गुरु के सानिध्य में ही संपन्न होती है. श्मशान में नकारात्मक ऊर्जाएं विद्यमान होती है, तांत्रिक इसके जरिए अपनी साधना को प्रभावी बनाते हैं.

क्यों की जाती है श्मशान विद्या ?

शमशान विद्या का तांत्रिक शक्तियों और सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए की जाती है, तांत्रिक और अघोरी इसके जरिए शत्रु पर काबू पाना, आत्माओं को नियंत्रित करने, बाधाओं को दूर करने के लिए ये साधना करते हैं. मोक्ष प्राप्ति के लिए भी इस साधना का सहारा लिया जाता है. कई बार हानिकारक उद्देश्यों के लिए भी इसे किया जाता है.

कौन श्मशान विद्या कर सकता है ?

श्मशान विद्या बहुत जोखिमभरी मानी जाती है और इसमें मानसिक और शारीरिक दोनों तरह के खतरे होते हैं, इसलिए इसे सिर्फ तांत्रिक और अघोरी करते हैं. आमजन को श्मशान विद्या करने का प्रयास नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसमें एक चूक जातक के अलावा उसके परिवार को भी गंभीर नुकसान पहुंच सकती है.

कैसे होती है श्मशान विद्या

श्मशान विद्या की साधना गुप्त तरीके से की जाती है. इसके लिए तांत्रिक विशेष मंत्रों, यंत्रों, और तंत्र क्रियाओं का उपयोग करते हैं. इस अनुष्ठान में बलिदानों और ध्यान के माध्यम से तांत्रिक अपनी इच्छाओं की पूर्ति का प्रयास करते हैं.

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