ट्रेंट से लेकर सुजलॉन एनर्जी तक, इन 10 शेयरों को उधार लेकर खरीद रहे रिटेल निवेशक – retail investors pile into leverage trent suzlon bel among top 10 most traded stocks

शेयर मार्केट में इन दिनों लीवरेज्ड ट्रेडिंग, यानी उधार लेकर शेयर खरीदने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। खास बात यह है कि रिटेल निवेशक भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि रिटेल निवेशक इस लीवरेज्ड ट्रेडिंग का इस्तेमाल करके कई ब्लूचिप और मिडकैप शेयरों पर दांव लगा रहे हैं। आइए जानते हैं कि वो टॉप-10 शेयर कौन से हैं, जिन्हें रिटेल निवेशक सबसे अधिक मार्जिन फंडिंग लेकर खरीदे जा रहे हैं? इसके पीछे लॉजिक क्या है और क्या यह किसी तरह के जोखिम बढ़ने का संकेत है?

सबसे पहले समझ लेते हैं कि आखिर या लेवरेज्ड ट्रेडिंग या मार्जिन ट्रेडिंग होती क्या है? मार्जिन ट्रेडिंग फैसलिटी वो सुविधा है जिसमें रिटेल निवेशक ब्रोकरेज फर्म से पैसे उधार लेकर शेयर खरीदते हैं। मतलब ब्रोकरेज आपको उधार पैसा देता है ताकि आप बड़ी रकम से ट्रेड कर सकें। बदले में आपको कुछ ब्याज देना होता है और खरीदे शेयरों को गिरवी रखना होता है। आमतौर पर निवेशकों को उनके पैसे का 4 गुना तक लीवरेज मिलता है। मतलब अगर आपके पास 1 लाख रुपये हैं, तो आप अधिकतम 4 लाख के शेयर खरीद सकते हैं।

सुनने में मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) की यह स्कीम काफी अच्छी लगती है। बाजार तेजी में हो तो मुनाफा कई गुना बढ़ सकता है… लेकिन अगर गिरावट आ जाए, तो नुकसान भी उतना ही तेजी से बढ़ जाता है। कभी-कभी ब्रोकरेज मार्जिन कॉल करके पैसा मांग सकता है। इतना ही नहीं, समय पर पैसा न देने पर ब्रोकरेज आपके शेयर बेच भी सकता है, भले ही आप कितने ही घाटे में हो। यानी इसमें जिनता बड़ा फायदा, उतना ही बड़ा जोखिम भी है।

आइए अब जानते हैं कि रिटेल निवेशकों ने मार्जिन ट्रेडिंग के जरिए इस समय किन 10 शेयरों में सबसे अधिक पैसा लगाया हुआ है-

सबसे पहले नंबर पर है हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) का शेयर। सितंबर में जब आखिरी बार हमने टॉप लीवरेज्ड स्टॉक्स की चर्चा की थी, तब भी यह डिफेंस स्टॉक इस लिस्ट में टॉप पर था और और इस बार भी यह टॉप पर है। 8 दिसंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक, HAL में लेवरेज्ड पोजीशन की वैल्यू 1,677 करोड़ रुपये है। डिफेंस सेक्टर में मजबूत ऑर्डरबुक और PSU थीम की लहर ने इस स्टॉक को लगातार चर्चा में बनाए रखा है।

दूसरे नंबर पर है Jio Financial Services। सोमवार 8 दिसंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक, इस शयेर में रिटेल इन्वेस्टर्स ने 1,399 करोड़ रुपये की लेवरेज्ड पोजिशन ली हुई है।

तीसरे नंबर पर है Mazagon Dock शिपबिल्डर्स। यह भी डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी है। पिछले सात में से 6 दिन यह शेयर गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके बावजूद रिटेल निवेशकों ने इसमें भारी मार्जिन ट्रेड की है। सोमवार 8 दिसंबर तक इसमें कुल 1200 करोड़ रुपये की लीवरेज्ड पोजिशन थी।

चौथे नंबर पर Tata Group की बड़ी रिटेल कंपनी Trent। Zudio और Westside की ये पैरेंट कंपनी है। सितंबर में जब हमने लीवरेज्ड स्टॉक को लेकर बात की थी, तब टाटा ग्रुप की यह कंपनी टॉप 10 लिस्ट का हिस्सा नहीं थी। लेकिन अब यह स्टॉक सीधे चौथे स्थान पर आ गया। हालांकि, सोमवार को बंद होने तक,इस शेयर में लेवरेज्ड पोजीशन ₹1,107 करोड़ रुपये की थी।

पांचवें स्थान पर है Bharat Electronics Ltd (BEL)। यह भी डिफेंस सेक्टर की PSU कंपनी है, और रिटेल निवेशकों ने इसमें 1,042 करोड़ रुपये की मार्जिन फंडिंग पोजिशन ली हुई है। पिछले कुछ महीनों से यह स्टॉक लगातार मजबूती दिखाता आया है।

छठे नंबर पर है Tata Motors PV, भले ही कंपनी का डिमर्जर हो चुका है, लेकिन निवेशकों की दिलचस्पी अभी भी इसमें बनी हुई है। टॉप लीवरेज्ड स्टॉक्स की लिस्ट में यह शेयर छठे स्थान पर है। NSE डेटा के मुताबिक इन पोजीशन की वैल्यू 1,022 करोड़ रुपये है।

सातवें नंबर पर है आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Tata Consultancy Services (TCS)।

टाटा ग्रुप की इस कंपनी के रैंक में सितंबर महीने के मुकाबले गिरावट आई है, लेकिन यह अभी टॉप-10 लीवरेज्ड स्टॉक्स में बनी हुई है। रिटेल इन्वेस्टर्स ने इस शेयर में मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी के जरिए 946 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

आठवें नंबर पर है Suzlon Energy। हाल ही में ब्रोकरेज रिपोर्ट्स और एनालिस्ट डे अपडेट्स के चलते इस स्टॉक में काफी हलचल रही। सोमवार को बंद होने तक इस स्टॉक में लेवरेज्ड पोजीशन की वैल्यू 913 करोड़ रुपये थी।

नौवें स्थान पर है Yes Bank। यह शेयर भले ही लो-प्राइस्ड वाले कैटेगरी में आता है, लेकिन रिटेल निवेशकों की इसमें दिलचस्पी हमेशा ऊंची रहती है। सोमवार तक इस शेयर में लीवरेज्ड पोजिशन की वैल्यू 906 करोड़ रुपये थी।

इस लिस्ट में आखिरी नाम है, नजारा टेक (Nazara Tech) का, जहां रिटेल निवेशकों ने 901 करोड़ रुपये की लेवरेज्ड पोज़िशन ली है। गेमिंग और डिजिटल एंटरटेनमेंट की ग्रोथ स्टोरी ने इसे रिटेल का पसंदीदा बनाया हुआ है।

अब सवाल है क्या यह ट्रेंड चिंता की बात है?

रिटेल निवेशक उन शेयरों में उधार लेकर पैसा लगा रहे हैं, जो पहले से ही हाई-फ्लाइंग सेगमेंट में हैं। जैसे डिफेंस, PSU, आईटी और हाई-ग्रोथ कंज्यूमर स्टोरीज। लेवरेज्ड ट्रेडिंग तभी निवेशकों के पक्ष में काम करती है जब बाजार चढ़ता रहे… लेकिन गिरावट आते ही सबसे ज्यादा चोट इन्हीं निवेशकों को लगती है। ऐसे में एक्सपर्ट्स हमेशा ऐसे जोखिम वाले दांव से बचने की सलाह देते हैं।

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