
Nifty Outlook: RBI की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग के बाद बाजार में जो तेजी दिखी थी, वह अगले ही सत्र में खत्म हो गई। निफ्टी 26,000 के सपोर्ट के नीचे फिसल गया। कई दिनों में पहली बार 20-डे मूविंग एवरेज के नीचे बंद हुआ। यह संकेत देता है कि बाजार का ट्रेंड कमजोर पड़ रहा है।
अब मंगलवार, 9 दिसंबर को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे, इसे एक्सपर्ट से समझेंगे। लेकिन, उससे पहले जान लेते हैं कि सोमवार को बाजार में क्या खास हुआ।
नौ दिनों का सबसे कमजोर क्लोज
निफ्टी ने पिछले 9 सेशन का सबसे निचला क्लोज दर्ज किया। इससे पूरे बाजार में कमजोरी छाई रही। बिकवाली सभी सेक्टरों में दिखी, लेकिन सबसे ज्यादा चोट ब्रॉडर मार्केट को लगी। मिडकैप इंडेक्स में चार महीनों की सबसे बड़ी गिरावट आई।
निफ्टी इंडेक्स 226 पॉइंट टूटकर 25,961 पर बंद हुआ और 26,000 के स्तर को बचा नहीं सका। निफ्टी के 50 में से 46 स्टॉक्स लाल निशान में बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप में तेज गिरावट
ब्रॉडर मार्केट में गिरावट और भी गहरी थी। 100 में से 94 मिडकैप और 96 स्मॉलकैप स्टॉक्स नीचे बंद हुए। मिडकैप इंडेक्स पिछले पांच में से चार सेशन्स में गिर चुका है। कुल मिलाकर, 1,200 पॉइंट नीचे आया है और 17 नवंबर के हाई से 1,800 पॉइंट गिर चुका है। इस गिरावट में निवेशकों की लगभग ₹7.5 लाख करोड़ की वैल्यू मिट गई।
अब बाजार की नजर US Fed पर
बाजार का अगला बड़ा संकेत अमेरिका से आएगा। US फेडरल रिजर्व अपनी पॉलिसी का ऐलान गुरुवार तड़के (भारतीय समयानुसार) करेगा। इसका असर वैश्विक बाजारों में दिखेगा और भारतीय बाजार भी उसी के मुताबिक प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
भारी IPO एक्टिविटी से भी दबाव
इस समय बाजार पर IPO का भी दबाव है। आज पांच नए IPO खुले। इससे इस साल कुल IPO की संख्या 100 के पार हो गई। अब तक लगभग ₹1.8 लाख करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं, जो पिछले पूरे साल की तुलना में ज्यादा है। इसी हफ्ते ICICI Prudential AMC का 10,622 करोड़ रुपये का बड़ा IPO खुलेगा, जो इस साल का चौथा सबसे बड़ा इश्यू होगा।
भारत-रूस समझौतों से सेंटीमेंट को सहारा
पिछले हफ्ते भारत और रूस ने डिफेंस, व्यापार, अर्थव्यवस्था और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में 16 महत्वपूर्ण समझौते किए। इससे व्यापक व्यापारिक भावना को थोड़ी मजबूती मिली है।
शॉर्ट-टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा
मोतीलाल ओसवाल के सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि US Fed के फैसले से पहले बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। फेड की टिप्पणी से वैश्विक जोखिम भावना तय होगी। घरेलू स्तर पर रुपये की चाल, FII की खरीद-बिक्री और सेकेंडरी मार्केट में लिक्विडिटी आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे। खासकर भारी IPO एक्टिविटी।
निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय
HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि निफ्टी का 25,986 के पिछले स्विंग लो के नीचे बंद होना ये साफ दिखाता है कि इंडेक्स अब ‘लोअर टॉप’ के बाद ‘लोअर बॉटम’ बना रहा है। इसका मतलब है कि शॉर्ट-टर्म में बाजार का करेक्शन वाला ट्रेंड अभी और जारी रह सकता है।
शाह के मुताबिक, अगर निफ्टी 25,891 के नीचे फिसलता है, तो इसमें और तेज बिकवाली देखने को मिल सकती है। ऐसी स्थिति में इंडेक्स सीधे अगले सपोर्ट 25,722 की तरफ जा सकता है, जहां 50-Day Exponential Moving Average (50 DEMA) भी मौजूद है।
निफ्टी का दायरा 25,800 से 26,200
Centrum Broking के नीलेश जैन का कहना है कि अभी बाजार एक तरह के कंसोलिडेशन फेज में है। यानी निफ्टी फिलहाल 25,800 से 26,200 के बीच ऊपर-नीचे घूम सकता है। इस गिरावट के साथ India VIX में भी 7% की तेजी आई है और यह 11 पर पहुंच गया है, जो बताता है कि निवेशकों में सतर्कता बढ़ रही है।
LKP Securities के रूपक डे का मानना है कि शॉर्ट-टर्म में बाजार की धारणा कमजोर है, और इंडेक्स धीरे-धीरे 25,730 के स्तर की ओर जा सकता है। ऊपर की तरफ निफ्टी को 26,000 से 26,100 के बीच रेजिस्टेंस मिल सकता है, यानी इस रेंज को पार करना बाजार के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
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