समुद्र मंथन में कालकूट विष के बाद प्रकट हुई अलक्ष्मी कौन थी? जानिए इनके बारे में

सनातन धर्म में लक्ष्मी जी को धन और वैभव की देवी माना जाता है, और मान्यता है कि जिस घर में लक्ष्मी जी का वास होता है उस घर में कलेश कभी नहीं होता है. लेकिन यह बात शायद बहुत कम लोग ही जानते हैं कि लक्ष्मी जी की एक बड़ी बहन अलक्ष्मी हैं, जिनका स्वभाव लक्ष्मी जी से बिल्कुल भिन्न है.

सनातन धर्म में लक्ष्मी जी को धन और वैभव की देवी माना जाता है, और मान्यता है कि जिस घर में लक्ष्मी जी का वास होता है उस घर में कलेश कभी नहीं होता है. लेकिन यह बात शायद बहुत कम लोग ही जानते हैं कि लक्ष्मी जी की एक बड़ी बहन अलक्ष्मी हैं, जिनका स्वभाव लक्ष्मी जी से बिल्कुल भिन्न है.

देवी अलक्ष्मी को दरिद्रता, कलह और नकारात्मक ऊर्जा को उत्पन्न करने वाली देवी माना जाता है. ऐसे में आइए जानें लक्ष्मी जी की बड़ी बहन अलक्ष्मी का वास कहां होता है.

देवी अलक्ष्मी को दरिद्रता, कलह और नकारात्मक ऊर्जा को उत्पन्न करने वाली देवी माना जाता है. ऐसे में आइए जानें लक्ष्मी जी की बड़ी बहन अलक्ष्मी का वास कहां होता है.

पौराणिक कथाओं के अनुसार, अलक्ष्मी का जन्म समुद्र मंथन के दौरान कालकूट विष के बाद हुआ, और वह लक्ष्मी से पहले प्रकट हुईं, जिससे वह उनकी बड़ी बहन कहलाईं.

पौराणिक कथाओं के अनुसार, अलक्ष्मी का जन्म समुद्र मंथन के दौरान कालकूट विष के बाद हुआ, और वह लक्ष्मी से पहले प्रकट हुईं, जिससे वह उनकी बड़ी बहन कहलाईं.

लक्ष्मी जी धन और वैभव की देवी हैं, जबकि अलक्ष्मी जी का स्वभाव दरिद्रता, कलह, अपयश और नकारात्मकता की देवी का है; यह लक्ष्मी की बिल्कुल विपरीत है.

लक्ष्मी जी धन और वैभव की देवी हैं, जबकि अलक्ष्मी जी का स्वभाव दरिद्रता, कलह, अपयश और नकारात्मकता की देवी का है; यह लक्ष्मी की बिल्कुल विपरीत है.

यह हमेशा गंदे, अव्यवस्थित घरों में, जहां लोग लड़ाई-झगड़ा करते हों, वहां अलक्ष्मी का वास होता है; साफ-सुथरे घरों में वे नहीं जातीं. इनका विवाह उद्दालक मुनि से हुआ था, लेकिन वे मुनि के साथ नहीं रहीं.

यह हमेशा गंदे, अव्यवस्थित घरों में, जहां लोग लड़ाई-झगड़ा करते हों, वहां अलक्ष्मी का वास होता है; साफ-सुथरे घरों में वे नहीं जातीं. इनका विवाह उद्दालक मुनि से हुआ था, लेकिन वे मुनि के साथ नहीं रहीं.

इन्हें तीखी और खट्टी चीजें (जैसे नींबू-मिर्च) बेहद पसंद हैं, इसलिए इन्हें घर और दुकान के बाहर टांगा जाता है जिससे अलक्ष्मी जी का प्रभाव घर में न हो ताकि वे घर के बाहर ही भोजन कर लें और वापस चली जाएं.

इन्हें तीखी और खट्टी चीजें (जैसे नींबू-मिर्च) बेहद पसंद हैं, इसलिए इन्हें घर और दुकान के बाहर टांगा जाता है जिससे अलक्ष्मी जी का प्रभाव घर में न हो ताकि वे घर के बाहर ही भोजन कर लें और वापस चली जाएं.

Published at : 07 Dec 2025 11:30 AM (IST)

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