Market Outlook: बाजार में अब आ सकती है स्टेबिलिटी, लार्जकैप आईटी की तुलना में मिडकैप में ग्रोथ ज्यादा – market outlook stability may now return to the market with midcaps seeing higher growth than largecap it

Market Outlook: कल आए GDP के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया। दूसरी छमाही में GDP के आंकड़े 7.8 फीसदी से बढ़कर 8.2 परसेंट पर पहुंच गया। जिसने सारे अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। मैन्यूफैक्चरिंग ग्रोथ तो 2.2 फीसदी से बढ़कर 9.1 परसेंट पर पहुंच गया। आर्थिक विकास की रफ्तार में जो जोश GDP के आंक़ड़ों में दिख रहा है क्या वो बाजार में एक नया जोश भरेगा?

ऐसे में जीडीपी आंकड़ों पर बाजार कैसे रिएक्ट करेगा। इस पर बात करते हुए रॉकस्टड कैपिटल के मैनेजिंग पार्टनर अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि बाजार पॉजिटिव रिएक्ट करेगा, क्योंकि आंकड़ों को लेकर कहीं निगेटिव सरप्राइस नहीं है। भारत दुनिया के तेज रफ्तार से बढ़ने वाली इकोनॉमी ग्रोथ में आती है। इन्फ्लेशन प्रेशर एक विकासशील देश में जहां हाई ग्रोथ दिखाई दे वहां होता ही है लेकिन इस समय भारत में इन्फ्लेशन को लेकर कोई चिंता नहीं दिखाई दे रही है। सप्लाई और डिमांड की बैलेसिंग होने के कारण इन्फ्लेशन उस रेट पर नहीं गया है जहां पर हम कह सकें कि रेट कट हो ही नहीं सकता। मेरा मनाना है कि आरबीआई ब्याज दरों में कटौती करेगा।

इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि एफआईआई की ओवरऑल बाईंग की पोजिशन को देख हम अंदाजा लगा रहे है कि बैंक निफ्टी में पोजिशन बनाई है।स्टैडअलोन निफ्टी की बात करें तो इंडेक्स फ्यूचर्स में एफआईआई की शॉर्ट में चल रही पोजिशन अब खरीदारी में बदल रही है। एफआईआई द्वारा मोमेंटम शिफ्टिंग ये सब इंडिकेट करती है अगर हम इसे पैकेज की तरह देखें तो इमर्जिंग मार्केट की ओवरऑल एलोकेशन ग्लोबली बढ़ रही है। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपये में अब और गिरावट की गुंजाइश भी कम हो रही है। यहीं कारण है कि एफआईआई भी अब भारत में अपना रुख कर रहे है। बाजार में अब स्टेबिलिटी नजर आ सकती है।

लार्जकैप आईटी की तुलना में मिडकैप में ग्रोथ ज्यादा

आईटी सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ग्लोबल आईटी कंपनियों के तुलना में भारतीय आईटी कंपनियों ने AI ट्रेड की रेस को काफी हद तक मिल किया है। 2022 के बाद से ही इंडिया फ्रंट लीड टेक कंपनियों का स्टक हो चुकी है। जहां पर उनकी सेल्स की ग्रोथ सिंगल डिजिट में है और पेरेट की ग्रोथ फ्लैट है। भारतीय कंपनियों ने AI ट्रेड की रेस को मिल किया और ट्रेडिशनल काम ही कर रहा। यहीं कारण है कि भारतीय आईटी कंपनी परफॉर्म नहीं कर रही।

उन्होंने आगे कहा कि आईटी की तुलना में मिडकैप आईटी कंपनियों में ग्रोथ ज्यादा नजर आ रही है। मिडकैप आईटी वैल्यूएशन के लिहाज से भले ही महंगी लग रही होगी लेकिन ग्रोथ उनमें ही है।

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