ट्रंप ने अफगान इमिग्रेशन पर रोक लगाई, जानें क्यों पाकिस्तान में रह रहे शरणार्थी में बढ़ा खौफ


अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के पास दो नेशनल गार्ड पर गोलीबारी के बाद ट्रंप प्रशासन ने अफगानिस्तान के निवासियों से सभी इमिग्रेशन अनुरोधों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने प्रशासन को सुझाव दिया कि अमेरिका में एंट्री करने वाले हर अफगान की समीक्षा करनी चाहिए. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि वॉशिंगटन में गोलीबारी एक अफगान शख्स ने की थी.

अफगानी शख्स ने किया अमेरिका में हमला

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने इस घटना को आतंकवादी हमला बताया और संदिग्ध की पहचान 29 वर्षीय रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में की है. वह एक अफगानिस्तानी नागरिक है और 2021 में अमेरिका आया था. जब यह घटना घटी उस समय डोनाल्ड ट्रंप नेशनल कैपिटल में मौजूद नहीं थे. वह थैंक्सगिविंग कार्यक्रम के लिए फ्लोरिडा गए हुए थे.

अफगान नागरिकों की इमिग्रेशन प्रक्रियाओं रोक

इस साल की शुरुआत में ट्रंप की ओर से अफगानिस्तान और 11 अन्य देशों के नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगाने के बाद आई नई नीति के कारण हजारों अफगान शरणार्थी अनिश्चितकालीन प्रतीक्षा की स्थिति में हैं. कई लोग 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद अमेरिका में शिफ्ट होने की उम्मीद कर रहे थे. इसमें से एक शख्स हैं एजाज, जो तालिबान के देश पर कब्जा करने से पहले नाटो के साथ अफगान एयरपोर्ट में कार्यरत थे. कुछ समय बाद ही वे अमेरिकी वीजा करने और वहां बसने का सपना लिए पाकिस्तान गए और चार से वहीं इंतजार कर रहे हैं.

पाकिस्तान में रह रहे शरणार्थियों में बढ़ा खौफ

अरब न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “पाकिस्तान में हमारा कोई भविष्य नहीं है. हमारी एक मात्र उम्मीद अमेरिका पहुंचने की थे. एक पूर्व सैनिक होने के नाते मैं वापस नहीं जा सकता. अगर मैं वापस लौटा तो तालिबान मुझे मार डालेंगे. मेरे पास वापस लौटने का कोई रास्ता नहीं है. इमिग्रेशन को लेकर अमेरिका का फैसला सही नहीं है. हम बहुत घबराए हुए हैं और इस नियम में बदलाव चाहते हैं. मैं उनसे (ट्रंप प्रशासन) विनती करता हूं कि वे हमारे मामलों की सावधानीपूर्वक जांच करें. हम लोगों में कोई गलत है तो उसकी सजा बाकियों को न दें. हमें अकेला न छोड़ें. हमारी स्थिति अच्छी नहीं है.”

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