
दरअसल ब्लू जोन क्षेत्र के लोग अलग से एक्सरसाइज का समय नहीं निकालते हैं. वे चलकर काम निपटाते हैं, खेती करते हैं, खाना बनाते हैं और घर के कामों में एक्टिव रहते हैं. यही हलचल उनकी मांसपेशियों, जोड़ों और दिमाग को लगातार सक्रिय रखती है. वहीं लंबे समय तक बैठने से बचने और दिन में थोड़ी-थोड़ी देर टहलने से सूजन कम होती है और बीमारियों का खतरा भी घटता है.

इन क्षेत्रों के लोग ज्यादातर पौधों पर आधारित खाना जैसे दालें, सब्जियां, साबुत अनाज और नट्स खाते हैं. वहीं यह लोग मांस और प्रोसेस्ड फूड का सेवन काफी कम करते हैं. इस तरह की डाइट शरीर की सूजन को कम रखती है और दिल की बीमारी, डायबिटीज और डिमेंशिया जैसी समस्याओं से बचाती है. एक और खास बात यह है कि यह लोग पेट 80 प्रतिशत भरने पर ही खाना रोक देते हैं.

ब्लू जोन कम्युनिटी में परिवार, दोस्त और पड़ोसियों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखना भी जीवन का अहम हिस्सा माना जाता है. ऐसे में सामाजिक रिश्ते तनाव को बढ़ाने वाले हार्मोन को कम करते हैं और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं. वहीं अकेलापन कई बीमारियों का कारण बन सकता है. इसलिए इन समुदायों में साथ बैठकर खाना, एक दूसरे की मदद करना और मिलकर समय बिताने की मजबूत परंपरा है.

इन इलाकों के लोग सोने से पहले शांत माहौल बनाते हैं, परिवार के साथ समय बिताते हैं, बिना स्क्रीन के आराम करते हैं और किताबें पढ़ते हैं. वहीं दिन में छोटी झपकी लेना भी उनके लिए अहम बात होती है. ऐसे में अच्छी नींद शरीर की सूजन कम करती है, तनाव घटाती है और दिमाग को जल्दी रिकवरी होने में मदद करती है.

इसके अलावा ब्लू जोन के लोग अपने जीवन में एक साफ मकसद रखते हैं. जापान में इसे इकिगाई और कोस्टा रिका में प्लान दे विदा कहा जाता है. वहीं जीवन का उद्देश्य इन लोगों को सक्रिय, खुश और मानसिक रूप से मजबूत रखता है. रिसर्च बताती है कि जिन लोगों को अपने जीवन का मकसद पता होता है वह लंबी और हेल्दी जिंदगी जीते हैं.
Published at : 27 Nov 2025 08:50 AM (IST)
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