
राजस्थान के नाथूद्वारा में गिरिराज पर्वत पर हनुमान जी की प्रतिमा बन रही है. माना जा रहा है कि यह विश्व में सबसे अधिक ऊंचाई पर बनने वाली प्रतिमा है. पर्वत की ऊंचाई 408 फीट है और प्रतिमा की ऊंचाई 111 फीट है. यह अलौकिक प्रतिमा करीब 20 से 25 किमी दूर से भी देखी जा सकती है.

200 टन के वजन की इस प्रतिमा को बनाने में 80 लोगों की टीम लगी हुई है. काम लगभग 95 फीसदी पूरा हो चुका है. उम्मीद है कि बसंत पंचमी के दिन इसे आमलोगों के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा.

नाथूद्वारा में ही इसके पहले स्टैचू ऑफ बिलिफ (विश्वास स्वरूपम) का निर्माण हुआ था. इसमें भगवान शिव की प्रतिमा स्थित है. इसकी ऊंचाई 369 फीट है. कहा जा रहा है कि हनुमान जी की प्रतिमा इससे भी ऊंची है.

प्रतिमा का निर्माण मुंबई के वैष्णव श्रद्धालु गिरिश भाई शाह करवा रहे हैं. प्रतिमा बनाने के पहले नाथद्वारा कमेटी से मंजूरी ली गई है. विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश कुमावत इसका निर्माण कर रहे हैं.

प्रतिमा का स्ट्रक्चर ऐसा है कि इतनी ऊंचाई पर भी भूकंप और तेज तूफान से नुकसान नहीं होगा. डिजाइन ऐसी है कि यह 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा को भी यह सहन कर लेगा.

हनुमान जी की प्रतिमा का ढांचा 120 टन भूकंप रोधी सरिया से तैयार किया गया है. बाहरी हिस्सा फाइबर ग्लास से बनाया गया है. वहीं इसमें प्रयोग होने वाले मैटेरियल की जांच कनाडा की लैब में कराई गई है.
Published at : 24 Nov 2025 06:51 PM (IST)
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