Margashirsha Month 2025: शुरू हुआ शुभ मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष, जानें कौन-सी गलतियाँ कर सकती हैं नुकसान!

हिंदू पंचांग के अनुसार 21 नवंबर से मार्गशीर्ष मास का शुक्ल पक्ष शुरू हो गया है. यह हर साल नवंबर और दिसंबर के मध्य आता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व है और यह अत्यंत पवित्र माना गया है. इस दौरान कुछ विशेष धार्मिक कार्य करने से आपकी किस्मत चमक सकती है. कहा जाता है कि इस दौरान ईश्वर की उपासना, पूजा, दान-पुण्य कार्यों से आपके जीवन में खुशहाली आती है.  मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष का काल 04 दिसंबर 2025 तक रहेगा.

हिंदू पंचांग के अनुसार 21 नवंबर से मार्गशीर्ष मास का शुक्ल पक्ष शुरू हो गया है. यह हर साल नवंबर और दिसंबर के मध्य आता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व है और यह अत्यंत पवित्र माना गया है. इस दौरान कुछ विशेष धार्मिक कार्य करने से आपकी किस्मत चमक सकती है. कहा जाता है कि इस दौरान ईश्वर की उपासना, पूजा, दान-पुण्य कार्यों से आपके जीवन में खुशहाली आती है. मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष का काल 04 दिसंबर 2025 तक रहेगा.

धार्मिक नियमों के अनुसार इस मास में गंगा स्नान का काफी महत्व है. इसलिए यह जरूरी है कि आप कभी एक दिन भी गंगा या गंगा जैसी पवित्र नदी में जरूर स्नान करें. इस धार्मिक अनुष्ठान के बाद दान करना नहीं भूले. यह अत्यंत शुभ माना जाता है.

धार्मिक नियमों के अनुसार इस मास में गंगा स्नान का काफी महत्व है. इसलिए यह जरूरी है कि आप कभी एक दिन भी गंगा या गंगा जैसी पवित्र नदी में जरूर स्नान करें. इस धार्मिक अनुष्ठान के बाद दान करना नहीं भूले. यह अत्यंत शुभ माना जाता है.

मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष में भगवान विष्णु, भगवान कृष्ण और देवी लक्ष्मी की पूजा को शुभ माना जाता है.  अगर आप इस पवित्र समय में इनकी पूजा को नजरअंदाज करते हैं, तो आपको मन वांछित फल नहीं मिलेगा. बल्कि आपका पुण्य भी बाधित हो सकता है.

मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष में भगवान विष्णु, भगवान कृष्ण और देवी लक्ष्मी की पूजा को शुभ माना जाता है. अगर आप इस पवित्र समय में इनकी पूजा को नजरअंदाज करते हैं, तो आपको मन वांछित फल नहीं मिलेगा. बल्कि आपका पुण्य भी बाधित हो सकता है.

इस काल में गरीबों, जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को अनाज, वस्त्र या धन का दान अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. अगर आप इस समय दान नहीं करते हैं तो इसका नकारात्मक असर आपके जीवन पर पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि नदी में स्नान के बाद जरूर दान किया जाए.

इस काल में गरीबों, जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को अनाज, वस्त्र या धन का दान अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. अगर आप इस समय दान नहीं करते हैं तो इसका नकारात्मक असर आपके जीवन पर पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि नदी में स्नान के बाद जरूर दान किया जाए.

इस अवधि में विशेष पूजा, व्रत या आध्यात्मिक उपायों की अनदेखी नहीं करना चाहिए. इससे नौकरी और व्यापार में रुकावटें और बाधाएं आती है. नए कार्य, निवेश या योजनाओं की शुरुआत में ध्यान नहीं देना आर्थिक लाभ को कम कर सकता है.

इस अवधि में विशेष पूजा, व्रत या आध्यात्मिक उपायों की अनदेखी नहीं करना चाहिए. इससे नौकरी और व्यापार में रुकावटें और बाधाएं आती है. नए कार्य, निवेश या योजनाओं की शुरुआत में ध्यान नहीं देना आर्थिक लाभ को कम कर सकता है.

मार्गशीर्ष के दिनों में दीप जलाना और घर की स्वच्छता को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. अगर घर गंदा रहे. घर का कोई कोना अंधकार में रहे तो वातावरण नकारात्मक होता है. इससे घर की खुशहाली और समृद्धि पर बुरा असर पड़ता है.

मार्गशीर्ष के दिनों में दीप जलाना और घर की स्वच्छता को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. अगर घर गंदा रहे. घर का कोई कोना अंधकार में रहे तो वातावरण नकारात्मक होता है. इससे घर की खुशहाली और समृद्धि पर बुरा असर पड़ता है.

इस दौरान गायत्री मंत्र का जाप करना शुभ माना गया है. ऐसा नहीं करने और  चंद्रमा की पूजा नहीं करने से आपको पुण्य कम मिलेगा. खासकर चंद्र दर्शन की विधि का पालन नहीं करना आपको मानसिक अशांति दे सकता है.

इस दौरान गायत्री मंत्र का जाप करना शुभ माना गया है. ऐसा नहीं करने और चंद्रमा की पूजा नहीं करने से आपको पुण्य कम मिलेगा. खासकर चंद्र दर्शन की विधि का पालन नहीं करना आपको मानसिक अशांति दे सकता है.

Published at : 23 Nov 2025 02:45 PM (IST)

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