Garuda Purana: पत्नि की ये 3 आदतें पति के लिए हैं नहीं होती अच्छी! गरुण पुराण से जानें रियलिटी

हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण की महत्वता काफी अहम मानी जाती है. इस ग्रंथ में जन्म-मृत्यु और कर्म-धर्म से जुड़ी बातों का जिक्र किया गया है. गरुड़ पुराण के अनुसार, पत्नी की कुछ आदतें पति के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है. ये आदतें पति-पत्नी के रिश्तों में दूरियों का कारण भी बन सकती है.

हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण की महत्वता काफी अहम मानी जाती है. इस ग्रंथ में जन्म-मृत्यु और कर्म-धर्म से जुड़ी बातों का जिक्र किया गया है. गरुड़ पुराण के अनुसार, पत्नी की कुछ आदतें पति के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है. ये आदतें पति-पत्नी के रिश्तों में दूरियों का कारण भी बन सकती है.

गरुड़ पुराण के अनुसार, शादी के पश्चात जो पत्नी अपने पति को धोखा देती है, उसे कई जन्मों तक दुख भोगना पड़ता है. किसी भी विवाहित स्त्री या पुरुष को शादी के बाद अपने पार्टनर को धोखा देने से बचना चाहिए.

गरुड़ पुराण के अनुसार, शादी के पश्चात जो पत्नी अपने पति को धोखा देती है, उसे कई जन्मों तक दुख भोगना पड़ता है. किसी भी विवाहित स्त्री या पुरुष को शादी के बाद अपने पार्टनर को धोखा देने से बचना चाहिए.

गरुड़ पुराण के सपिण्डीकरण श्राद्ध का महत्व भाग में पत्नी की दूसरी बुरी आदतों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि, जो भी स्त्री अपने पति को छोड़कर पर पुरुष की अनुगामिनी (उसकी बात मानने वाली)हो जाती है, वह अन्य जन्मों में चमगादड़ी, छिपकली, गोहनी अथवा दो मुखी संर्पिणी (Female Snake) बनती है.

गरुड़ पुराण के सपिण्डीकरण श्राद्ध का महत्व भाग में पत्नी की दूसरी बुरी आदतों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि, जो भी स्त्री अपने पति को छोड़कर पर पुरुष की अनुगामिनी (उसकी बात मानने वाली)हो जाती है, वह अन्य जन्मों में चमगादड़ी, छिपकली, गोहनी अथवा दो मुखी संर्पिणी (Female Snake) बनती है.

गरुड़ पुराण में दर्ज तीसरी बुरी आदत के बारे में जिक्र करते हुए कहा गया है कि, पति के जीवित रहते हुए अथवा उसके मरने जो स्त्री व्यभिचार करती है, वह अनेक जन्मों तक वैधव्य (विधवा) जीवन बीताती है. और दुर्भाग्य उसका साथ कभी भी नहीं छोड़ता है.

गरुड़ पुराण में दर्ज तीसरी बुरी आदत के बारे में जिक्र करते हुए कहा गया है कि, पति के जीवित रहते हुए अथवा उसके मरने जो स्त्री व्यभिचार करती है, वह अनेक जन्मों तक वैधव्य (विधवा) जीवन बीताती है. और दुर्भाग्य उसका साथ कभी भी नहीं छोड़ता है.

गरुड़ पुराण के अनुसार विवाहित स्त्रीयों को मन-वाणी, कर्म इन सभी के द्वारा अपने मृत या जीवित पति की सेवा करनी चाहिए. देवताओं और पितरों की पूजा से ज्यादा फल पति की सेवा करने पर मिलती है.

गरुड़ पुराण के अनुसार विवाहित स्त्रीयों को मन-वाणी, कर्म इन सभी के द्वारा अपने मृत या जीवित पति की सेवा करनी चाहिए. देवताओं और पितरों की पूजा से ज्यादा फल पति की सेवा करने पर मिलती है.

Published at : 21 Nov 2025 01:20 PM (IST)

धर्म फोटो गैलरी

Read More at www.abplive.com