Daily Voice : घरेलू खपत में बढ़त से बाजार को मिलेगा सपोर्ट, छोटे-मझोले शेयरों में लंबे नजरिए से निवेश करने का मौका – सैमको MF CIO – daily voice market will get support from increase in domestic consumption indo us trade deal will not have much impact samco mf cio

Market outlook : सैमको म्यूचुअल फंड के CIO उमेशकुमार मेहता का कहना है कि भारत-अमेरिका ट्रेड टैरिफ डील का बाजार पर बहुत असर नहीं होगा, क्योंकि बाजार ने अब तक इस खबर के असर को काफी हद तक पचा लिया है। उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि बाजार पर वास्तविक असर जीएसटी और आयकर दरों में कटौती के बाद घरेलू खपत में होने वाली किसी बढ़त का होगा।

इस बात की उम्मीद है कि भारत में लोग खर्च करना जारी रखेंगे। इसके साथ ही कैपिटल मार्केट नकदी का प्रवाह भी अच्छा बना रहेगा। ऐसा होने पर बाजार में तेजी देखने को मिलेगी। लेकिन,अगर मौजूदा बुल मार्केट के इन दो ड्राइवर्स में से कोई भी एक काम नहीं करता है, तो निगेटिटिव सरप्राइज देखने को मिल सकता है।

उमेशकुमार मेहता निवेश के लिए स्टॉक और सेक्टरों की पहचान करने के लिए निवेश के मोमेंटम स्टाइल का इस्तेमाल करते हैं। वे एफएमसीजी सेक्टर पर अंडरवेट हैं। कमजोर मोमेंटम को देखते हुए वे कंज्यूमर गुड्स के चुनिंदा शेयरों पर भी अंडरवेट हैं।

इस समय जो सेक्टर मोमेंटम में नजर आ रहे हैं उनमें एएमसी, एक्सचेंज,वॉयर एंड केबल और बैंक जैसे सेक्टर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वे अपनी निवेश रणनीति के तहत अपने पोर्टफोलियो पर बारीकी से नजर रखते हैं और अगर किसी कारणवश स्टॉक में मंदी या मंदी का दौर आता है तो वे या तो हेजिंग करते हैं या फिर किसी मजबूत कंपनी में रिबैलेंसिंग करते हैं।

म्यूचुअल फंडों के फी स्ट्रक्चर से संबंधित सेबी के हालिया परामर्श पत्र पर अपनी राय देते हुए उमेशकुमार मेहता ने कहा कि सेबी ने हमेशा निवेशकों और कैपिटल मार्केट के हित में काम किया है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के आकार को देखते हुए,ये प्रस्तावित कदम सही लगते हैं।

क्या आपको आगे आने वाली तिमाहियों में लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में अधिक तेजी की उम्मीद है? इसके जवाब में उमेशकुमार मेहता ने कहा कि स्मॉल कैप और मिडकैप शेयरों में टाइम और प्राइस दोनों करेक्शन के साथ कंसोलीडेशन हो रहा है। हालांकि,लार्ज कैप शेयरों में अभी भी कुछ मजबूती है। फिर भी,जहां तक स्मॉल कैप और मिडकैप शेयरों का सवाल है, उनके अपने रिकॉर्ड के मुकाबले बाजार में कोई मोमेंटम नहीं दिख रहा है।

सामान्य तौर पर,निफ्टी 50 के नज़रिए से देखा जाए तो,निवेश के एक फैक्टर के रूप में छोटे टाइम फ्रेम पर इनका मोमेंटम सालाना आधार पर हाई सिंगल डिटिट से कम है। ऐसे में, जब मोमेंटम कमज़ोर हों,तो धीरे-धीरे निवेश शुरू करना चाहिए। इस समय छोटे-मझोले शेयरों में लंबे नजरिए से निवेश करना चाहिए। इस बात को ध्यान में रखते हुए सैमको एएमसी अगले सप्ताह एक नया फंड ऑफरिंग (एनएफओ) लॉन्च कर रहा है, जो उभरते विकास अवसरों का लाभ उठाने वाला भारत का पहला मोमेंटम-आधारित स्मॉल-कैप फंड होगा।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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