Haq X Review: रिलीज होते ही छाई इमरान हाशमी-यामी गौतम की ‘हक’, लोग बोले- ‘मस्ट वॉच है फिल्म’


फाइनली आज (7 नवंबर) सिनेमाघरों में ‘हक़’ रिलीज हो गई है. निर्देशक सुपर्ण वर्मा निर्देशित ‘हक़’ में इमरान हाशमी और यामी गौतम ने लीड पोल प्ले किया है.ये फिल्म आस्था, न्याय और कानून के समक्ष समानता की थीम पर बेस्ट है. रिलीज़ के कुछ ही घंटों के भीतर, दर्शकों ने सोशल मीडिया पर इस फ़िल्म का रिव्यू शेयर करना शुरू कर दिया है. जानते हैं ‘हक़’  लोगों को कैसी लगी है?

हक’ लोगों को कैसी लगी?
7 नवंबर, 2025 को दुनिया भर में रिलीज़ हुई ‘हक़’ को क्रीटिक्स दर्शकों, दोनों से ही शानदार रिव्यू मिला हैं. जंगली पिक्चर्स द्वारा इनसोम्निया फिल्म्स और बावेजा स्टूडियोज़ के सहयोग से निर्मित, इस फिल्म को दर्शकों ने मस्ट वॉच बताया है. लोग समान नागरिक संहिता, तीन तलाक और जेंडर जस्टिस जैसे टॉपिक्स को उठाने के लिए मेकर्स की सराहना की है.

एक ने लिखा, “ हक़ ज़ोरदार प्रहार करती है, एक रॉ, थॉट प्रवोकिंग कोर्ट रूम ड्रामा जो हमारे समाज पर हावी पाखंड और अंधविश्वास की धज्जियां उड़ाती है. यह साहसी, भावुक और बेहद ईमानदार है. यामी गौतम एक ऐसा रिविलेशन हैं जो निडर और हर फ्रेम पर पूरी तरह से छा जाती हैं.”

 



मुस्लिम महिलाओं के लिए मस्ट वॉच फिल्म
वहीं खुद को फिल्म क्रिटिक कहने वाले केआरके ने भी एक्स पर हक का रिव्यू शेयर किया है. केआरके ने लिखा है, ” फिल्म हक सभी मुस्लिम महिलाओं को ज़रूर देखनी चाहिए. यामी गौतम बेहतरीन हैं. निर्देशक सुपर्न वर्मा ने बेहतरीन काम किया है. इमरान हाशमी का विग उनकी एक्टिंग जितना ही खराब है. वर्तिका सिंह ने बहुत ही प्रभावशाली अभिनय किया है. इसके निर्माता संदीपसिंह और विक्की जैन हैं! मुझे यह बहुत पसंद आई.” 

 



कई और ने भी एक्स पर हक की खूब तारीफ की है. 

 

हक फिल्म की कहानी
‘हक’ मोहम्मद अहमद खान वर्सेस शाह बानो बेगम के रियल लाइफ मामले से इंस्पायर है, जो भारत के कानूनी और सामाजिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था. फिल्म की कहानी शाज़िया बानो (यामी गौतम धर) पर आधारित है, जिसे उसके पति अब्बास खान (इमरान हाशमी) ने छोड़ दिया है, और वो दूसरी शादी कर लेता है और बच्चे का भरण-पोषण करने से इनकार कर देता है. जब शाज़िया न्याय की गुहार लगाती है, तो अब्बास उसे तीन तलाक कहकर जवाब देता है.उसका संघर्ष पर्सनल लॉ, महिला अधिकारों और कानून के समक्ष समानता पर एक राष्ट्रव्यापी बहस बन जाता है. 

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