Dayanand Shetty on CID: सीआईडी (CID) भारतीय टेलीविजन का वह शो है जिसने 21 सालों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया. शिवाजी साटम, आदित्य श्रीवास्तव, और दयानंद शेट्टी जैसे लोकप्रिय कलाकारों की मौजूदगी ने इसे भारतीय टीवी इतिहास का सबसे यादगार क्राइम ड्रामा बना दिया. छह साल के ब्रेक के बाद शो का दूसरा सीजन आने पर भी इसकी लोकप्रियता बरकरार है.
हाल ही में जूम/टेली टॉक से बातचीत में दयानंद शेट्टी ने बताया कि आखिर क्यों ‘सीआईडी’ दो दशकों से भी ज्यादा समय तक दर्शकों का पसंदीदा बना रहा.
दयानंद शेट्टी: “कहानी और किरदारों ने बनाए रखा जादू”
दयानंद ने कहा, “जब बी.पी. सिंह सर ने सीआईडी शुरू किया था, तब टेलीविजन पर क्राइम शो का कॉन्सेप्ट नया था. कुछ जासूसी शो जरूर थे, लेकिन पुलिस टीम पर आधारित शो नहीं था. शिवाजी सर को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस आइडिया को विकसित किया और यह प्रयोग सफल रहा.”
उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में शो के लेखक श्रीधर राघवन, श्रीराम राघवन, रजत अरोड़ा और प्रबल बरुआ, ने शो के लिए बेहतरीन कहानियां लिखीं,. वह बोले, “तब किरदार इतने प्रसिद्ध नहीं थे. दर्शक कहानी की वजह से शो देखते थे, कहानी ही शो का असली हीरो थी.”
किरदारों से जुड़ गया दर्शक
समय के साथ, एसीपी प्रद्युमन, अभिजीत, डॉ. सालुंखे, दया, फ्रेडी और बाद में पंकज, सचिन, पूर्वी, तारिका जैसे किरदार लोगों के दिलों में बस गए.
दयानंद ने कहा,“कुछ एपिसोड वाकई कमजोर थे, लेकिन लोग फिर भी देखते थे क्योंकि वे उन किरदारों से जुड़ चुके थे. कलाकारों का रिश्ता दर्शकों के साथ ही शो की असली ताकत था.”
21 साल की सफलता पर क्या बोले दयानंद?
अभिनेता ने आखिर में कहा कि शो की लंबी उम्र और उसकी वापसी का श्रेय दर्शकों के प्यार को जाता है. वह कहते हैं, “कहानी और किरदारों का सही संयोजन, साथ ही कलाकारों की टीमवर्क, यही वजह है कि ‘सीआईडी’ 21 साल तक चला और आज भी दर्शकों के दिलों में उतना ही जिंदा है.”
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