Budhwar Upay: बुधवार को करें गणेश जी से जुड़े खास उपाय, जानें गंभीर बीमारियों से छुटकारा पाने का अचूक तरीका!

बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है. इस दिन विधि विधान से उनकी पूजा करने पर जीवन की सभी समस्याएं दूर होती हैं. बुधवार और अष्टमी के संयोग पर किसी भी गंभीर बीमारी से मुक्ति पाने के लिए, एक कटोरी में हरे मूंग, गुड़ की एक बट्टी और पांच बेलपत्र रखकर, इसे व्यक्ति के ऊपर इक्कीस बार उतारकर, सीधे हाथ से रखकर अष्टमी तिथि पर पूजा करने से लाभ हो सकता है.

बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है. इस दिन विधि विधान से उनकी पूजा करने पर जीवन की सभी समस्याएं दूर होती हैं. बुधवार और अष्टमी के संयोग पर किसी भी गंभीर बीमारी से मुक्ति पाने के लिए, एक कटोरी में हरे मूंग, गुड़ की एक बट्टी और पांच बेलपत्र रखकर, इसे व्यक्ति के ऊपर इक्कीस बार उतारकर, सीधे हाथ से रखकर अष्टमी तिथि पर पूजा करने से लाभ हो सकता है.

यह भी माना जाता है कि बुध अष्टमी पर गणेश और शिव-पार्वती की पूजा, हरी चूड़ियों का दान, और बुधवार के लिए बताए गए बुध ग्रह के मंत्रों का जाप करने से भी लाभ होता है.

यह भी माना जाता है कि बुध अष्टमी पर गणेश और शिव-पार्वती की पूजा, हरी चूड़ियों का दान, और बुधवार के लिए बताए गए बुध ग्रह के मंत्रों का जाप करने से भी लाभ होता है.

ज्योतिषाचार्य आशा त्यागी के अनुसार बुधवार के दिन हरे मूंग, गुड़ और बेलपत्र का उपाय करने से गणेश जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इसके लिए एक कटोरी हरे मूंग लें. कटोरी में एक गुड़ की बट्टी रखें. उसमें पांच बेलपत्र भी रख दें. बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति के ऊपर इस कटोरी को इक्कीस बार उतारें. उसके बाद, अष्टमी तिथि पर इस कटोरी को सही विधि से रखकर पूजा करें.

ज्योतिषाचार्य आशा त्यागी के अनुसार बुधवार के दिन हरे मूंग, गुड़ और बेलपत्र का उपाय करने से गणेश जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इसके लिए एक कटोरी हरे मूंग लें. कटोरी में एक गुड़ की बट्टी रखें. उसमें पांच बेलपत्र भी रख दें. बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति के ऊपर इस कटोरी को इक्कीस बार उतारें. उसके बाद, अष्टमी तिथि पर इस कटोरी को सही विधि से रखकर पूजा करें.

इसके अलावा बुधवार का संबंध बुध ग्रह से होता है. इसलिए इस दिन ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः

इसके अलावा बुधवार का संबंध बुध ग्रह से होता है. इसलिए इस दिन ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें. बुधवार को किसी किन्नर को घर में भोजन कराकर हरी चूड़ी दान करें.

बुधवार को अष्टमी के दिन, गणेश जी की पूजा करें, जो विघ्नहर्ता हैं. भगवान गणेश की पूजा में दूर्वा, तिल और गुड़ चढ़ाएं. पूजा करते समय, भगवान गणेश के पास पीला चंदन और काला तिल चढ़ाकर, अपनी बीमारी के बारे में प्रार्थना करें और जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करें.

बुधवार को अष्टमी के दिन, गणेश जी की पूजा करें, जो विघ्नहर्ता हैं. भगवान गणेश की पूजा में दूर्वा, तिल और गुड़ चढ़ाएं. पूजा करते समय, भगवान गणेश के पास पीला चंदन और काला तिल चढ़ाकर, अपनी बीमारी के बारे में प्रार्थना करें और जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करें.

Published at : 29 Oct 2025 01:35 PM (IST)

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