
19 अक्टूबर, रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है. इस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पड़ रही है, जिसे नरक चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है. यह दिन दीपावली से एक दिन पूर्व आने वाला होता है और इसे रूप चौदस भी कहा जाता है.

पंचांग के अनुसार आज शक संवत 1947 और विक्रम संवत 2082 चल रहा है. सूर्योदय के समय चतुर्दशी तिथि रहेगी और दोपहर 1 बजकर 52 मिनट तक इसका प्रभाव रहेगा. इसके बाद अमावस्या प्रारंभ होगी. आज सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में स्थित हैं.

इस दिन भद्रा काल दोपहर 1 बजकर 52 मिनट तक रहेगा और उसके बाद शुभ समय प्रारंभ होगा. रविवार के दिन पड़ने के कारण हनुमान जयंती (उत्तर भारत) का पर्व भी मनाया जा रहा है. साथ ही मासिक शिवरात्रि व्रत का भी संयोग बन रहा है, जिससे दिन और भी पवित्र हो गया है.

आचार्य मुकुल रस्तोगी के अनुसार नरक चतुर्दशी पर सुबह जल्दी उठकर पूरे घर की सफाई करनी चाहिए. घर के कोने-कोने में जमा धूल, जाले और अनुपयोगी वस्तुएँ नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत मानी जाती हैं, इसलिए उन्हें बाहर निकाल देना शुभ रहता है.

पुराने, टूटे या जोड़े से अलग बर्तन, फटे कपड़े या जूते-चप्पल घर में नहीं रखने चाहिए. इन चीजों को बाहर निकालने से जीवन में ठहराव और बाधाएँ दूर होती हैं. स्वच्छ वातावरण में देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है और घर में सुख-समृद्धि आती है.

सायंकाल के समय घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने की परंपरा अत्यंत शुभ मानी जाती है. जल से भरे पात्र के पास दीप जलाने से पितरों को संतोष मिलता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. यह कर्म आत्मिक शुद्धि और समृद्धि दोनों का प्रतीक है.
Published at : 19 Oct 2025 04:15 PM (IST)
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