Chess Haram in Islam: शतरंज खेलना इस्लाम में हराम? जुए से लेकर मूर्ति पूजा तक, जानें चौंकाने वाले कारण!

Chess is Haram in Islam: इस्लाम में शतरंज को हराम माने जाने के कई कारण हैं, जिनमें शामिल है. जुआ से जुड़ाव, अल्लाह की याद से भटकाव, समय और धन की बर्बादी और मूर्ति पूजा जैसा लगना तथा खिलाड़ियों के बीच नफरत और दुश्मनी पैदा करना शामिल है.

कुरान में सीधे तौर पर इसका उल्लेख नहीं है. हालांकि, इस मामले में मुस्लिम विद्वानों में मतभेद है और इसे कुछ जायज मानते हैं. अगर इसमें जुआ न हो और यह प्रार्थना और अन्य जरूरी कामों में बाधा न डालें तो.

शतरंज क्या है?
दो-खिलाड़ियों का बोर्ड गेम है जो 64 वर्गों वाली बिसात पर खेला जाता है, जिसमें दोनों  खिलाड़ी के पास 16 मोहरे होते हैं. इसका उद्देश्य रणनीतिक रूप से अपने प्रतिद्वंद्वी के राजा को “शह और मात” देना है, यानी उस पर ऐसा हमला करना जिससे वह बच न सके.

यह एक रणनीति आधारित खेल है, जहां भाग्य का कोई स्थान नहीं होता, और इसमें दिमाग का इस्तेमाल करना, योजना बनाना और अनुमान लगाना शामिल होता है. 

शतरंज को हराम माने जाने के कारण
जुआ से जुड़ाव
शतरंज को जुए का ही एक रूप माना जाता है. शतरंज में भी हार-जीत की शर्त होती है. कुरान में जुए को माना किया गया है. क्योंकि, यह दुश्मनी और नफरत पैदा करता है और अल्लाह की याद से रोकता है. 

समय और धन की बर्बादी
यह खेल इतना आकर्षक होता है कि लोग इसमें बहुत ज्यादा समय लगा देते हैं. जिससे वे अपनी जरूरी जिम्मेदारियां, जैसे प्रार्थना और परिवार का ध्यान रखना भूल जाता है. 

नशे और जुए के समान
कुरान की आयत 590 में इन दोनों चीज़ों को ‘शैतान की घिनौनी हरकतें’ कहा गया है. कुछ विद्वान कहते हैं कि जुआ और नशे की तरह, शतरंज भी लोगों के बीच दुश्मनी पैदा करता है और उन्हें अल्लाह की याद से दूर ले जाता है. इसलिए शतरंज को हराम कहा गया है.

मूर्त-पूजा जैसा लगना
कुछ लोगों के लिए, शतरंज के मोहरे मूर्ति जैसा दिखते हैं और इस्लाम में मूर्तियों की पूजा हराम है.

इस्लाम की भावना के विरूद्ध
कुछ लोग मानते हैं कि यह खेल, अपने नियमों और संरचनाओं के साथ, इस्लाम की मूल भावना और सिद्धांतों के खिलाफ है.

धार्मिक मतभेद
यह ध्यान रखना जरूरी है कि सभी इस्लामी विद्वान शतरंज को हराम नहीं मानते हैं. कुछ विद्वान मानते हैं कि जब तक इसमें जुआ शामिल न हो, तब तक यह हलाल है. 

ये भी पढ़ें गोलियथ को दाऊद ने कैसे हराया? बाइबिल की कहानी से प्रेरणादायक सबक, साहस और विश्वास की जीत

Read More at www.abplive.com