
शुरुआत में इसे लेकर लोग ज्यादा गंभीर नहीं थे. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2003 में एक वेबसाइट बनाई गई थी जिसका मकसद केवल विवाह मिलान और कुंडली देखना था. लेकिन पिछले साल सितंबर में इसे अपडेट करके AI एस्ट्रोलॉजर लॉन्च किए गए. यह कोई असली पंडित नहीं, बल्कि एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जो ज्योतिषीय सूत्रों और एल्गोरिद्म के आधार पर भविष्यवाणी करता है. हैरानी की बात यह रही कि लोगों ने इसे भी भरोसे के साथ अपनाना शुरू कर दिया.

आज यूज़र्स AI एस्ट्रोलॉजर से तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं जैसे शादी कब होगी, नौकरी इंटरव्यू में कौन सा रंग पहनना शुभ होगा, शेयर बाजार में निवेश का सही समय क्या है या गाड़ी-गहने खरीदने का उत्तम दिन कौन सा रहेगा. कुछ लोग तो पुराने रिश्तों की वापसी जैसे निजी सवाल भी पूछते हैं. चूंकि इसमें इंसान की तरह कोई झिझक नहीं होती इसलिए यूज़र्स बेझिझक हर तरह के सवाल सामने रखते हैं.

विश्वसनीयता की बात करें तो लोग मान रहे हैं कि AI एस्ट्रोलॉजर की गणनाएं काफी सटीक निकल रही हैं. जहां किसी ज्योतिषी से जवाब पाने में वक्त लग सकता है, वहीं AI महज कुछ सेकेंड में पूरा गुणा-गणित समझाकर उत्तर दे देता है. यही वजह है कि इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है.

चार्जिंग की बात करें तो, AI एस्ट्रोलॉजर की फीस भी लगभग इंसानी ज्योतिषियों जैसी ही है. यह 15 से 40 रुपये प्रति मिनट तक चार्ज करता है. दिलचस्प यह है कि जहां मानव ज्योतिषी के साथ फ्री चैट से पेड चैट पर जाने की दर करीब 6% है, वहीं AI के मामले में यह आंकड़ा 9.6% तक पहुंच जाता है. इसका फायदा वेबसाइट मालिकों को भी हो रहा है क्योंकि उन्हें किसी इंसानी पंडित के साथ फीस साझा नहीं करनी पड़ती.

इस तरह, AI अब ज्योतिष की दुनिया में न सिर्फ नया विकल्प बन चुका है बल्कि लोगों की सोच और विश्वास को भी बदल रहा है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले वक्त में क्या AI सच में पारंपरिक ज्योतिष को पीछे छोड़ देगा.
Published at : 27 Aug 2025 07:42 AM (IST)
Tags :
TECH NEWS HINDI AI Astrology
टेक्नोलॉजी फोटो गैलरी
Read More at www.abplive.com