TCS Share price : 25 अगस्त को TCS की लिस्टिंग के आज 21 साल पूरे हो गए हैं। निवेशकों के लिए TCS चमकता सितारा साबित हुआ है। कंपनी के इतिहास पर नजर डालें तो इसकी लिस्टिंग के बाद के 21 साल बेमिसाल रहे हैं। आज भी बाजार इस शेयर का दीवाना बना हुआ है। जुलाई 2004 में इसका आईपीओ आया था। वहीं, 25 अगस्त 2004 को बाजार में इसकी लिस्टिंग हुई थी। आईपीओ का इश्यू प्राइज 850 रुपए प्रति शेयर था। जबकि, इसकी लॉट साइज 7 शेयरों की थी, यानी आपको इस आईपीओ में न्यूनतम 5,950 रुपए निवेश करना था।
अपनी लिस्टिंग के बाद से अब तक TCS का शेयर बाजार का चमकता सितारा साबित हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप 11.3 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। मार्केटकैप के लिहाज से यह चौथी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बन गई है।
बोनस का इतिहास
कंपनी ने लिस्टिंग के बाद से अब तक तीन बार बोनस शेयर जारी किए है। 2006 फिर उसके बाद 2009 और 2018 में 1 पर 1 के अनुपात में बेनस शेयर जारी किए गए थे।
बायबैक का किंग
कंपनी का बायबैक का भी मजबूत इतिहास है। साल 2027 में कंपनी 2,820 रुपए के भाव पर बायबैक लेकर आई थी। उसके बाद 2018 में 2,100 रुपए के भाव पर, 2020 में 3,000 रुपए के भाव पर, 2022 में 4,500 रुपए के भाव पर और 2023 में 4,150 रुपए के भाव पर इसका बायबैक आया।
TCS : निवेशकों को किया मालामाल
इस स्टॉक में अपने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। साल 2004 में इसके 1 लॉट की कीमत 5,950 रुपए थी जो 2025 में बढ़कर 1,76,000 रुपए पर पहुंच गई। इस अवधि में इस स्टॉक में 29.57 गुना रिटर्न दिया है।
TCS : अब भी बाजार दीवाना
अब भी ये शेयर बाजार का पसंदीदा बना हुआ है। इसकी BUY रेटिग 67 फीसदी, होल्ड रेटिंग 23 फीसदी और सेल रेटिंग सिर्फ 10 फीसदी है (सोत्र: Bloomberg)। स्टॉक के लिए ब्रोकरेज हाउसेस का एवरेज टारगेट 3722 रुपए है।
TCS पर JPMORGAN की राय
JPMorgan ने TCS को अपग्रेड करते हुए इसके लिए 3800 रुपए का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि इस साल TCS ने निफ्टी को 29 फीसद अंडरपरफॉर्म किया है। जबकि इस साल इसने निफ्टी IT इंडेक्स को 6 फीसदी अंडरपरफॉर्म किया है। कंपनी के बिजनेस मॉडल में दिक्कत नहीं है। वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही से कंपनी में रिकवरी संभव है। वित्त वर्ष 2026-27 में इंटरनेशनल CC रेवेन्यू सालाना आधार पर 0%/5% के हल्के स्तर पर रह सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 में कंपनी के मार्जिन में 55/57bps की बढ़त संभव है। वित्त वर्ष 2026-28 के लिए 2/3% EPS अपग्रेड संभव है। बिजनेस सेंटिमेंट सुधरने से कंपनी को फायदा होगा।
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