100 फिफ्टी, 60 शतक, 350 से ज्यादा विकेट, 21 हजार रन, नहीं रहा क्रिकेट इतिहास का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी, अचानक थमी सांसे

Cricket इतिहास में कई खिलाड़ी ऐसे हुए हैं, जिन्होंने न सिर्फ गेंद से धमाल मचाया, बल्कि बल्ले से भी कोहराम मचाकर विपक्षी टीमों को नेस्तनाबूद कर दिया। एक ऐसे ही खिलाड़ी का 89 साल की उम्र में निधन हो गया है। इस खिलाड़ी ने यह उम्दा प्रदर्शन उस समय किया था, जब किसी एक विभाग में निपुण होना भी बेहद खास माना जाता था।

लेकिन, दुखद बात यह है कि आज ये महान खिलाड़ी हमारे बीच नहीं रहा है। क्रिकेट के इतिहास के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी ने अचानक इस दुनिया को अलविदा कह दिया है, जिसके बाद पूरे क्रिकेट (Cricket) जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। इस खिलाड़ी ने न सिर्फ अपने करियर में 60 शतक और 100 फिफ्टी जड़ी, बल्कि गेंद हाथ में आने के बाद 350 से ज्यादा विकेट भी अपने नाम किए।

89 साल की उम्र में हुआ निधन

हम जिस महान खिलाड़ी की बात कर रहे हैं वह कोई और नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर बॉब सिम्पसन हैं। सिम्पसन ने 16 अगस्त को इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनके बनाए अद्भुत रिकॉर्ड्स आज भी हमारे बीच जीवित हैं।

वह बॉब ही थें जिन्हें आने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने न सिर्फ जीतना शुरू किया, बल्कि काफी लंबे समय क्रिकेट वर्ल्ड क्रिकेट (Cricket) पर अपना धाक बनाए रखी। बॉब ने 89 साल की उम्र में आखिरी सांस ली और इस दुनिया और अपनी प्रशंसकों को छोड़कर चले गए। बॉब ने न सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को एक नया जीवन दिया, बल्कि भारतीय क्रिकेट (Cricket) टीम और भारत की घरेलू टीम राजस्थान में भी उनका अहम योगदान रहा था।

21 हजार से ज्यादा रन बॉब के नाम दर्ज

3 फरवरी 1936 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में जन्मे बॉब सिम्पसन ने ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में डेब्यू से पहले 1952/53 में अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट की शुरुआत की, और पांच साल तक लगातार घरेलू क्रिकेट (Cricket) में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद उन्हें पहली बार नेशनल टीम में खेलने का मौका मिला।

बॉब ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहली बार दिसंबर 1957 में बॉक्सिंग डे टेस्ट में पदार्पण किया था, और इसके बाद उन्होंने दोबारा पीछे मुड़कर नहीं देखा। बॉब ने भले ही ऑस्ट्रेलिया के लिए सिर्फ 62 टेस्ट मैच खेले हों, लेकिन उन्होंने 257 प्रथम श्रेणी मैचों में 56.22 की दमदार औसत के साथ 21029 रन बनाए थे, जिसमें 60 शतक और 100 अर्धशतक शामिल थे। बॉब ने बैटिंग के साथ-साथ गेंदबाजी में भी 349 शिकार किए थे।

अजीत अगरकर पर मेहरबान हुई BCCI, एशिया कप 2025 से पहले सौंप दी यह बड़ी जिम्मेदारी

ऑस्ट्रेलिया Cricket को दिया नया जन्म

बॉब सिम्पसन 1967-68 के ऑस्ट्रेलियाई सीजन के बाद, उन्होंने मूल रूप से इंटरनेशनल क्रिकेट (Cricket) से संन्यास ले लिया था। उस समय वह सिर्फ 31 साल के थे और ऑस्ट्रेलिया के लिए 52 टेस्ट मैच खेल चुके थे। हालांकि, इसके वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट (Cricket) के आने के बाद 41 साल की उम्र में बॉब ने एक बार फिर इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की, लेकिन 1978 तक उन्होंने पूरी तरह से इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट से खुद को अलग कर लिया और संन्यास का फैसला किया।

बॉब के संन्यास के दो साल बाद तक ऑस्ट्रेलिया क्रिके (Cricket)ट बोर्ड एक कोच की तलाश कर रहा था और उनकी पहली पसंद बॉब ही थे। बॉब ही वह शख्स थे, जिन्होंने एलन बॉर्डर, शेन वॉर्न और मार्क वॉ जैसे खिलाड़ियों को दिशा दी और महान खिलाड़ी बनने में अहम योगदान दिया। बॉब जितने महान खिलाड़ी थे उतना ही उन्होंने अपनी कोचिंग में अन्य खिलाड़ियों को बनने में मदद की।

बॉब के कोचिंग कार्यकाल संभालने के बाद पहली बार साल 1987 में ऑस्ट्रेलिया ने विश्व कप जीता तो 1989 में एशेज सीरीज में भी कंगारुओं की विजय हुई। वहीं, 1980-90 के दशक की सबसे मजबूत टीम वेस्टइंडीज को भी धराशायी करने में बॉब का अहम योगदान रहा है।

भारतीय खिलाड़ियों ने भी जताया शोक

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान बॉब सिम्पसन का जितना योगदान ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट (Cricket) को संकट के उभारने के लिए रहा है उतना ही अहम योगदान उन्होंने भारतीय क्रिकेट (Cricket) में भी दिया है। बॉब ने 1990 के दशक के अंत में भारतीय क्रिकेट टीम के सलाहकार के पद पर काम कर चुके हैं, तो रणजी टीम राजस्थान के लिए उन्होंने 2000 से 2003 तक तीन साल के अनुबंध पर काम किया है।

बॉब के 89 साल की उम्र में निधन पर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने शोक व्यक्त किया है और उनके साथ काम के दौरान अपने अनुभव साझा किए थे।

इधर एशिया कप 2025 की टीम का हुआ चयन, उधर मात्र 22 साल के भारतीय क्रिकेटर का हो गया आकस्मिक निधन

Read More at hindi.cricketaddictor.com