‘डरे नहीं… ट्रंप के टैरिफ पर डटा रहे भारत’, पुतिन से मुलाकात का अमेरिका से रिश्तों पर क्या पड़ेगा प्रभाव?

India-America Relations: अमेरिका के टैरिफ के ऐलान से पूरी दुनियाभर में हलचल मच गई, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास फोकस भारत की तरफ दिखा। दरअसल, रूस से तेल का व्यापार करने को लेकर ट्रंप ने कई देशों को चेतावनी दी कि अगर वह तेल खरीदना जारी रखते हैं तो उन पर ज्यादा टैरिफ लगाया जाएगा। इसके बाद ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया।

अब ट्रंप 15 अगस्त को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करने वाले हैं। इस मुलाकात का भारत पर क्या असर पड़ेगा? इस पर विश्लेषक माइकल कुगेलमैन ने अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि अगर पुतिन जंग रोकने के लिए राजी हो जाते हैं, तो इससे भारत पर दबाव कम हो सकता है।

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पुतिन-ट्रंप की मुलाकात का भारत पर असर

माइकल कुगेलमैन ने मीडिया एजेंसी से बात करते हुए कहा कि ‘ट्रंप की पुतिन से मुलाकात होने जा रही है। ये मीटिंग जंग को रोकने के लिए की जा रही है। अब अगर डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन के बीच जंग को रोकने पर बात बनती है, तो इससे भारत पर थोड़ा दबाव कम होने की संभावना है।’ बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच रूस से तेल खरीदने को लेकर ही बढ़ा है। इसको लेकर ट्रंप ने कहा था कि भारत तेल खरीदकर जंग में इंडायरेक्टली मदद कर रहा है। इसके साथ ही ट्रंप ने सोमवार को कहा कि पुतिन से मीटिंग में क्या होने वाला है, इसका पता पहले कुछ मिनटों में ही पता चल जाएगा।

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‘भारत को डरना नहीं चाहिए’

अमेरिका ने भारत पर तेल खरीदने को लेकर कई बार चेतावनी के तौर पर बयान जारी किए। इस पर कुगेलमैन का कहना है कि ‘भारत पर जिस तरह के बयान दिए गए, उनका जवाब भारत को देना जरूरी था। अब भारत को ये करना है कि वह अपनी बात पर डटा रहे।’ उन्होंने कहा कि ‘भारत के लिए यह तय करना है कि वह जरे बिना अपनी बात पर टिका रहेगा।

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