Teji Bachchan: सोनिया गांधी जिन्हें कहती थीं तीसरी मां, अचानक उनका नाटक देखने पहुंच गए थे पूर्व पीएम नेहरू

तेजी बच्चन, जो विख्यात हिंदी कवि हरिवंश राय बच्चन की पत्नी और बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन की मां थी, वो एक अलहदा शख्सियत इसलिए भी रहीं, क्योंकि वे देश के दो विख्यात परिवारों (नेहरू-गांधी और बच्चन) के बीच 3 पीढ़ियों के रिश्ते की सबसे मजबूत डोर थीं. आज (12 अगस्त) को तेजी बच्चन की जयंती है. सोनिया गांधी के साथ उनका रिश्ता सबसे खास रहा और इतना खास कि सोनिया गांधी उन्हें अपनी तीसरी मां कहती थीं.

गांधी-बच्चन परिवार के बीच रिश्तों की शुरुआत प्रयागराज स्थित नेहरू-गांधी परिवार के पुश्तैनी घर आनंद भवन से हुई. सरोजिनी नायडू ने हरिवंश राय और तेजी को आनंद भवन में आमंत्रित किया था. 

हरिवंश राय ने अपनी आत्मकथा में इसे याद करते हुए लिखा, ‘यहीं पर तेजी और इंदिरा के बीच घनिष्ठ और आजीवन मित्रता की शुरुआत हुई. नायडू ने इंदिरा के समक्ष हम दोनों की जोड़ी का परिचय ‘कवि और कविता’ के रूप में दिया था. इंदिरा को ये शब्द अरसे तक याद रहे और जब भी वे तेजी को अपने विदेशी मेहमानों से मिलवातीं तो इसका जिक्र करना नहीं भूलती थीं.’

भारत में सोनिया गांधी का पहला घर बना तेजी बच्चन आवास 
सोनिया गांधी 13 जनवरी 1968 को भारत आई थीं और उसके 12 दिन बाद सोनिया और राजीव की एक सादे समारोह में सगाई हुई. शादी में अभी वक्त था और इसलिए इंदिरा नहीं चाहती थीं कि वह नेहरू-गांधी परिवार की भावी बहू के रूप में अभी उनके साथ रहें. उन्हें किसी होटल में भी नहीं ठहराया जा सकता था. इस पर इंदिरा के सहयोगी और विश्वासपात्र टी.एन. कौल और पारिवारिक दोस्त मोहम्मद यूनुस ने सुझाव दिया कि सोनिया को शादी होने तक तेजी बच्चन के यहां रहना चाहिए. 

इस तरह तेजी बच्चन का घर भारत में सोनिया का पहला घर बना. शादी में मेहंदी जैसी कुछ रस्में बच्चन के घर पर ही आयोजित की गई थीं. हरिवंश राय बच्चन और तेजी ने गाने गाए. अमिताभ ने भी अपने पिता द्वारा रचित हास्य गीत गुनगुनाए थे. शादी के लिए सोनिया की मां पाओला इटली से आई थीं, लेकिन हिंदू विवाह समारोह की रस्मों में मां की भूमिका तेजी ने ही निभाई थीं.

तेजी आंटी मेरी तीसरी मां हैं- सोनिया गांधी
सोनिया ने 1985 में धर्मयुग को दिए इंटरव्यू में कहा था, “मम्मी (इंदिरा) ने मुझे बच्चन परिवार के साथ रहने के लिए कहा, ताकि मैं भारतीय रीति-रिवाजों और संस्कृति को काफी करीब से देख-सीख सकूं. मुझे उस परिवार से काफी कुछ सीखने को मिला. तेजी आंटी मेरी तीसरी मां हैं. मेरी पहली मां इटली में हैं, दूसरी मां मेरी सास इंदिरा गांधी थीं और तीसरी तेजी आंटी हैं. अमित और अजिताभ मेरे भाई हैं”. 

जब अचानक तेजी का नाटक देखने पहुंच गए थे नेहरू 
लेखिका और पत्रकार प्रोमिला कल्हण के बच्चन परिवार के साथ काफी नजदीकी संबंध रहे हैं. वे अपनी किताब में बताती हैं कि तेजी बच्चन एक बेहतरीन गायिका और थिएटर आर्टिस्ट थीं. दिल्ली और इलाहाबाद में उन्होंने कई ग्रुपों के साथ परफॉर्म किया. शादी के बाद उन्होंने शेक्सपियर के एक नाटक पर अभिनय किया था, जिसका अनुवाद उनके पति ने ही किया था. उस समय प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू अचानक ही शेक्सपियर के ‘ओथेलो’ के हिंदी संस्करण में उनका नाटक देखने पहुंच गए थे. 

नई दिल्ली के थिएटर हॉल में जब नाटक का मंचन चल रहा था, तभी नेहरू अपने सचिव के साथ चुपचाप वहां पहुंचे और पीछे की सीट पर बैठ गए. हालांकि यह राज ज्यादा देर तक छिप नहीं सका. मंच से ही तेजी बच्चन ने प्रधानमंत्री से आगे की सीट पर आकर बैठने की अपील की.

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