कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। राहुल गांधी इसको लेकर काफी आक्रामक हैं और इस मुद्दे को देश के कोने-कोने तक पहुंचाना चाहते हैं। इसी बीच कांग्रेस 11 अगस्त को पार्टी के महासचिवों, प्रभारियों और संगठन प्रमुखों की बैठक आयोजित करने जा रही है। इस बैठक में “मतदाता सूची में हेरफेर और चुनावी धोखाधड़ी” के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान पर चर्चा की जाएगी।
कांग्रेस पार्टी इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों के साथ मिलकर बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का भी विरोध कर रही है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि जिस तरह बापू ने भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान हमें “करो या मरो” का आह्वान किया था, उसी तरह आज हमें भारतीय लोकतंत्र को बचाने के लिए उसी तरह के ‘करो या मरो’ मिशन पर निकलना होगा।
उन्होंने आगे लिखा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उजागर की गई मतदाता सूची में हेराफेरी और चुनावी धोखाधड़ी के खिलाफ पार्टी के आगामी राष्ट्रव्यापी अभियान पर चर्चा करने के लिए एआईसीसी महासचिवों, प्रभारियों और फ्रंटल संगठन प्रमुखों की एक बैठक 11 अगस्त को शाम 4:30 बजे 24, अकबर रोड पर होगी, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे।
राहुल गांधी ने लगाया आरोप
बता दें कि राहुल गांधी ने 7 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि कांग्रेस को कर्नाटक में 16 लोकसभा सीटें जीतने की उम्मीद थी, लेकिन उसे केवल नौ सीटें ही मिलीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपनी हार का विश्लेषण किया। महादेवपुरा सीट पर रिसर्च करने के बाद 1,00,250 वोटों की “वोट चोरी” का आरोप लगाया गया।
राहुल गांधी ने चुनाव अधिकारियों को दी चेतावनी
कर्नाटक में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि चुनाव में धोखाधड़ी करना और फर्जी मतदान करना संविधान के साथ धोखा है। उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि “ऐसे लोगों को हम खोज निकालेंगे, हम छोड़ेंगे नहीं।” इससे पहले भी राहुल गांधी ने कहा था कि रिटायरमेंट के बाद भी हम ऐसे अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करेंगे और ऐसा जरूर करेंगे।
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