महाराष्ट्र में बीएमसी और लोकल बॉडी चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. इस बीच केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (Athawale) के अध्यक्ष रामदास अठावले ने भरोसा जताया है कि उनकी पार्टी आगामी चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी. उन्होंने ये भी कहा कि महायुति में उनकी पार्टी की भूमिका और मजबूत होगी. अठावले ने उत्तराखंड लोकल बॉडी चुनाव में अपनी पार्टी की जीत का भी जिक्र किया.
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”उत्तराखंड स्थानीय निकाय चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने 14 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है. यह जीत हमारे कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और जनता के विश्वास का प्रमाण है. उत्तराखंड में मिली यह सफलता हमें और मज़बूत करती है.”
उत्तराखंड स्थानीय निकाय चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने 14 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। यह जीत हमारे कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और जनता के विश्वास का प्रमाण है। उत्तराखंड में मिली यह सफलता हमें और मज़बूत करती है। अब महाराष्ट्र में भी RPI पूरी ताक़त से चुनावी मैदान…
— Dr.Ramdas Athawale (@RamdasAthawale) August 9, 2025
महायुति में हमारी भूमिका और मजबूत होगी- अठावले
उन्होंने आगे कहा, ”अब महाराष्ट्र में भी RPI पूरी ताक़त से चुनावी मैदान में उतरेगी. महायुति में हमारी भूमिका और मजबूत होगी और हम वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को सत्ता में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने का काम जारी रखेंगे.”
SIR के मसले पर अठावले का राहुल गांधी पर निशाना
इससे पहले सात अगस्त को केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के मसले पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर हमला बोला था. उन्होंने कहा था, ”लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एसआईआर पर लगाए गए आरोपों में कोई दम नहीं है. चुनाव आयोग राहुल गांधी को बुला रहा है, लेकिन वो जा नहीं रहे हैं. उनके साथ पूरा विपक्ष सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है, जो अच्छी बात नहीं है. उन्हें चुनाव आयोग जाकर अपना पक्ष रखना चाहिए.
राहुल गांधी के आरोपों में कोई तथ्य नहीं- अठावले
उन्होंने ये भी कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और उसे संवैधानिक अधिकार प्राप्त है. उसका सरकार से कोई संबंध नहीं है. अठावले ने आगे कहा, ”मुझे लगता है कि राहुल गांधी के आरोपों में कोई तथ्य नहीं है. मतदाता सूची चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में तैयार की जाती है. उन्हें यह तय करने का अधिकार है कि कौन से दस्तावेज पेश किए जाएं.”
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