
Share Market Rise: भारतीय शेयर बाजारों ने आज 20 फरवरी को शुरुआती गिरावट के बाद शानदार वापसी की। सेंसेक्स शुरुआती गिरावट से उबरकर 600 अंकों से अधिक उछल गया। वहीं निफ्टी बढ़कर 25,650 के अहम स्तर के पार पहुंच गया। निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग और ग्लोबल बाजारों से पॉजिटिव संकेत के चलते बाजार के सेंटीमेंट को मजबूती मिली। सबसे अधिक तेजी पावर, PSU बैंक, मेटल और कैपिटल गुड्स शेयरों में देखने को मिली।
दोपहर 12.30 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स 603.13 अंक यानी 0.73% की तेजी के साथ 83,101.27 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 198.15 अंक यानी 0.78% चढ़कर 25,652.50 पर पहुंच गया था। इससे पहले शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स एक समय 82,206 और निफ्टी 25,379.75 के स्तर तक लुढ़क गया था।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 316.57 अंक यानी 0.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82,814.71 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 116.90 अंक यानी 0.46 प्रतिशत चढ़कर 25,571.25 पर बंद हुआ।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार में आज की तेजी के पीछे 3 बड़े कारण रहे-
1. वैल्यू बाइंग से सपोर्ट
शेयर बाजार एक दिन पहले गुरुवार को 1.5 फीसदी तक लुढ़क गया था। इसके बाद निवेशकों ने आज निचले स्तरों पर खरीदारी की। मेटल और बैंकिंग शेयरों ने इस तेजी की अगुवाई की। निफ्टी 50 में कोल इंडिया, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और ओएनजीसी करीब 2% चढ़कर टॉप गेनर्स रहे। टाइटन, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर, हिंदाल्को और एनटीपीसी में भी करीब 1% की तेजी रही।
निफ्टी 200 में एबीबी इंडिया 4% से ज्यादा चढ़ा। निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स भी 1% से अधिक मजबूत हुआ। फ्रांस और भारत के बीच राफेल जेट और हेलिकॉप्टर के संयुक्त उत्पादन की खबर से डिफेंस शेयरों को सहारा मिला।
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट, वीके विजयकुमार ने बताया, “कई तरह के संकटों के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों में कंपनियों के मुनाफे में सुधार बाजार के लिए अच्छी खबर है। अगर आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम हो जाता है, तो बाजार में और तेजी आ सकती है।”
उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि फिलहाल पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम पर नजर रखें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें।
2. ग्लोबल संकेतों में सुधार
वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स आज सुबह हल्की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। यह तब हुआ जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने के लिए 10 से 15 दिनों की समय-सीमा दी और चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर “गंभीर परिणाम” हो सकते हैं।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के सिद्धार्थ खेमका ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि अगर ईरान से जुड़ा तनाव बढ़ता है, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए होने वाली ऑयल सप्लाई प्रभावित हो सकती है। भारत के लिए यह चिंता की बात है, क्योंकि हम इस इलाके से कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा आयात करता है।
खेमका ने कहा कि भू-राजनीतिक जोखिम और तेल सप्लाई में रुकावट की आशंका को देखते हुए निकट भविष्य में बाजार सतर्क रुख अपना सकता है।
3. तकनीकी स्तरों से मिला सपोर्ट
एक ब्रोकरेज हाउस के मुताबिक, निफ्टी के लिए 25,350 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। बजाज ब्रोकिंग ने बताया, “निफ्टी का 200-दिनों का EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) करीब 25,200 के पास है। यह शॉर्ट टर्म में अगला अहम सपोर्ट है। अगर आने वाले सेंशस में लगातार बिकवाली जारी रहती है, तो यह स्तर भी कमजोर पड़ सकता है। नीचे की ओर 25,350 और 25,000 के स्तर तुरंत सपोर्ट के रूप में दिख रहे हैं। वहीं ऊपर की तरफ 25,650 और और 25,720 पर रेजिस्टेंस देखा जा रहा है। “
ब्रोकरेज ने कहा कि तकनीकी स्तरों से सपोर्ट और वैल्यू बाइंग के कारण बाजार में तेज रिकवरी आई। हालांकि आईटी और रियल्टी सेक्टर में दबाव बना रहा।
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