Board of Peace Meeting: अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में गाजा बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग हुई है। यह मीटिंग वाशिंगटन स्थित डोनाल्ड जे. ट्रंप यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में हुई। मीटिंग की अध्यक्षता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की। मीटिंग में करीब 50 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। 12 देशों बतौर ऑब्जर्वर मीटिंग को जॉइन किया। भारत ने भी बतौर ऑब्जर्वर ही मीटिंग जॉइन की। वहीं मीटिंग में गाजा को फिर से बसाने के लिए मेगा प्लान भी बनाया गया।
World leaders and founding members of the Board of Peace gather for the inaugural meeting at the Donald J. Trump Institute of Peace. pic.twitter.com/F8f67yrlZZ
—विज्ञापन—— The White House (@WhiteHouse) February 19, 2026
भारत ने बतौर पर्यवक्षेक मीटिंग जॉइन की
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग को संबोधित भी किया। उन्होंने बताया कि मीटिंग में भारत ने बतौर पर्यवेक्षक हिस्सा लिया। अमेरिका में भारत के चार्ज डी अफेयर्स नामग्या सी खाम्पा ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। मीटिंग के बीच में मैंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात भी की। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायल और हमासा की लड़ाई खत्म होने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि थोड़ी-सी चिंगारियां बाकी हैं, लेकिन उन्हें भी जल्द बुझा दिया जाएगा।
मीटिंग में गाजा के लिए हुए 7 बड़े ऐलान
9 सदस्य देश गाजा में शांति और इसे फिर से बसाने के लिए 63 हजार करोड़ रुपये (7 अरब डॉलर) देंगे। अमेरिका खुद 90 हजार करोड़ रुपये (10 अरब डॉलर) देगा। 5 देशों ने गाजा के फिलिस्तिनी इलाके में सैना तैनात करने की घोषणा की। इंडोनेशिया ने गाजा में 8000 या उससे ज्यादा सैनिकों की तैनाती का वादा किया। कजाकिस्तान ने गाजा में सैन्य बल तैनात कर दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ गाजा को 2 अरब डॉलर मानवीय सहायता के लिए दिए। फीफा फुटबाल से जुड़े प्रोजेक्ट के लिए 7.5 करोड़ डॉलर खर्च करेगा।
BREAKING: In an extraordinary and illegal move, Trump says he’s transferring $10 billion from the U.S. government to his “Board of Peace,” which he chairs and can use the funds as he wishes.
Where is Congress??? pic.twitter.com/ZH83WGnN96
— Republicans against Trump (@RpsAgainstTrump) February 19, 2026
मीटिंग में इन देशों ने अपने प्रतिनिधि भेजे
बता दें कि बोर्ड ऑफ पीस की मीटिंग में अजरबैजान, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, इजराइल, जॉर्डन, मोरक्को, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्की, UAE, उज्बेकिस्तान, वियतनाम, अल्बानिया, अर्जेंटीना, आर्मेनिया, कजाकिस्तान, कोसोवो, मंगोलिया, बेलारूस, पैराग्वे, बहरीन, मिस्र, इटली, ग्रीस, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ शामिल हुए। भारत और यूरोपीय संघ (EU) सहित कई देश ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल हुए। ब्राजील, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे, वेटिकन सिटी और स्वीडन ने भी मीटिंग में शामिल होने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है।
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