
PSU Bank Stocks: विदेशी निवेशक कुल मिलाकर भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे हैं, लेकिन एक दिलचस्प ट्रेंड सामने आया है। पिछले कई तिमाहियों से वे सरकारी बैंकों में अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रहे हैं।
हालांकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI ने भारतीय बाजार में व्यापक स्तर पर दोबारा खरीदारी शुरू नहीं की है, लेकिन उन्होंने चुपचाप PSU बैंकों में एक्सपोजर बढ़ाया है। इसकी वजह आकर्षक वैल्यूएशन और बेहतर होती ग्रोथ संभावनाएं मानी जा रही हैं।
Bank of Maharashtra पर ज्यादा बुलिश
विदेशी निवेश सरकारी बैंकों में सबसे ज्यादा बुलिश Bank of Maharashtra पर है। इसमें पिछले आठ तिमाहियों से वे अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रहे हैं। करीब दो साल पहले इस बैंक में FPIs की हिस्सेदारी 0.5 प्रतिशत से भी कम थी। अब यह बढ़कर लगभग 5 प्रतिशत हो गई है। 19 फरवरी को Bank of Maharashtra का शेयर 69.85 रुपये के 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
अन्य सरकारी बैंकों में खरीदारी का रुझान
CNBC-TV18 के एनालिसिस से पता चलता है कि यह रुझान व्यापक है। Union Bank of India में FPI हिस्सेदारी लगातार चार तिमाहियों से बढ़कर 8.14 प्रतिशत हो गई है। यह पिछले एक दशक का सबसे ऊंचा स्तर है।
Canara Bank में भी लगातार तीन तिमाहियों से विदेशी हिस्सेदारी बढ़ी है और अब यह 14.6 प्रतिशत पर पहुंच गई है। यह सितंबर 2012 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। गुरुवार को Bank of India, Indian Bank और Union Bank of India के शेयर भी अपने 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंचे।
SBI और अन्य बैंकों में भी बढ़ा निवेश
Bank of Baroda, Indian Overseas Bank, Punjab National Bank और State Bank of India जैसे अन्य सरकारी बैंकों में भी सितंबर और दिसंबर 2025 तिमाही में विदेशी हिस्सेदारी बढ़ी है। दिसंबर 2025 के अंत तक SBI में FPI हिस्सेदारी 10.3 प्रतिशत रही, जो पिछले पांच तिमाहियों में सबसे ज्यादा है।
भारी निकासी के बावजूद चुनिंदा खरीदारी
PSU बैंकों में यह खरीदारी उस समय हो रही है जब FPIs 2025 के ज्यादातर समय भारतीय शेयरों में शुद्ध बिकवाल रहे हैं। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने करीब 2 अरब डॉलर के भारतीय शेयर बेचे हैं।
मार्च तिमाही में उन्होंने 13.4 अरब डॉलर के शेयर बेचे। सितंबर तिमाही में 9.3 अरब डॉलर और दिसंबर तिमाही में 1.4 अरब डॉलर की बिकवाली की। इस तरह 2025 में कुल निकासी 19 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
PSU Bank इंडेक्स की मजबूत रैली
सरकारी बैंकों के शेयरों में तेजी भी विदेशी निवेश को सपोर्ट कर रही है। पिछले एक साल में Nifty PSU Bank इंडेक्स करीब 60 प्रतिशत चढ़ा है।
इसके मुकाबले Nifty Bank इंडेक्स में 23 प्रतिशत और बेंचमार्क Nifty 50 में 11 प्रतिशत की बढ़त रही है।
रैली के बाद भी वैल्यूएशन आकर्षक
तेज बढ़त के बावजूद Nifty PSU Bank इंडेक्स लगभग 1.3 गुना एक साल आगे की बुक वैल्यू पर ट्रेड कर रहा है। वहीं Nifty Bank इंडेक्स करीब 2 गुना पर ट्रेड कर रहा है।
इससे संकेत मिलता है कि रैली के बाद भी सरकारी बैंक तुलनात्मक रूप से सस्ते नजर आते हैं। यही वजह है कि विदेशी निवेशक कुल बाजार में बिकवाली के बावजूद PSU बैंकों में हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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