
साइबर फ्रॉड से रहें सावधान
सरकार साइबर अपराधियों को रोकने के लिए एक तरफ गाइडलाइन्स सख्त कर रही है, वहीं दूसरी तरफ साइबर क्रिमिनल्स लोगों को ठगने के लिए नए तरीके आजमा रहे हैं। इन दिनों पोस्ट-ऑफिस के नाम पर SMS करके लोगों के साथ फ्रॉड करने के मामले सामने आ रहे हैं। इसे लेकर सरकार ने लोगों को चेतावनी जारी की है। हैकर्स पोस्ट-ऑफिस की तरफ से मैसेज करके लोगों को अपना अड्रेस अपडेट करने के लिए मैसेज भेजकर फ्रॉड कर रहे हैं।
सरकारी फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने पोस्ट-ऑफिस के नाम पर लोगों को भेजे जा रहे इस मैसेज को फर्जी बताया है और सावधान रहने के लिए कहा है। हैकर्स लोगों को इंडिया पोस्ट के नाम से एक मैसेज भेजते हैं, जिसमें लिखा होता है कि आपका पैकेज वेयरहाउस में पहुंच गया है। हमने डिलीवरी अटेम्प्ट की मगर अधूरे पते की वजह से हम कंसाइनमेंट डिलीवर नहीं कर पाए। आप 48 घंटे के अंदर दिए गए लिंक पर क्लिक करके अपना अड्रेस अपडेट कर लें, नहीं तो आपका पैकेज रिटर्न हो जाएगा। अड्रेस अपडेट करने के 24 घंटे के अंदर आपके पैकेज की डिलीवरी अटेम्प्ट की जाएगी।
ज्यादातर लोग ऐसे मैसेज को देखकर इसे सही मानकर लिंक पर क्लिक कर लेंगे और उनके साथ फ्रॉड हो सकता है। PIB Fact Check ने इस मैसेज को पूरी तरह फर्जी बताया है और कहा कि इंडिया पोस्ट इस तरह के SMS लोगों को नहीं भेजता है, जिसमें अड्रेस अपडेट करने के लिए कहा गया हो। इस तरह के फ्रॉड वाले लिंक पर क्लिक न करें। ऐसा करने से आपके साथ फ्रॉड किया जा सकता है।
ऐसे SMS से कैसे बचें?
TRAI ने पिछले साल इस तरह के फर्जी SMS को रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। इसमें लोगों को सही सेंडर से आने वाले मैसेज की पहचान करने के लिए प्रिफिक्स यूज करने के लिए कहा है।
- बैंक या अन्य किसी सर्विस के वेरिफाइड सेंडर से आने वाले मैसेज के आखिर में S लगा होगा।
- वहीं, सरकारी विभाग से आने वाले मैसेज के आखिर में G लगा होगा।
- इसके अलावा प्रमोशनल मैसेज के आखिर में P प्रिफिक्स होगा।
- साथ ही, बैंक के ट्रांजैक्शन से जुड़े SMS के आखिर में T लगा होगा।
इन प्रिफिक्स के अलावा अगर आपके फोन पर किसी भी नंबर से SMS प्राप्त होता है, तो वो वेरिफाइड सेंडर द्वारा नहीं भेजा गया होगा। ऐसे में आप सेंडर के प्रिफिक्स को देखकर आसानी से पता लगा सकते हैं कि मैसेज वेरिफाइड सेंडर ने भेजा है या नहीं।
इन बातों का रखें ध्यान
- किसी भी तरह के SMS, ई-मेल और वॉट्सऐप मैसेज में दिए गए लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें।
- अनजान नंबरों से आने वाले कॉल्स को इग्नोर करें।
- इस तरह के मैसेज और कॉल्स को Sanchar Saathi ऐप या वेबसाइट पर रिपोर्ट करें।
- इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करें।
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