
दूरसंचार विभाग यानी DoT ने Adani Airport Holdings Limited को कहा है कि वह नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर टेलीकॉम कंपनियों को अपना खुद का नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने की इजाजत दे। विभाग ने यह निर्देश Telecommunications Act, 2023 के प्रावधानों का हवाला देते हुए दिया है।
फरवरी 2026 में AAHL के CEO अरुण बंसल को भेजे गए पत्र में DoT ने बताया कि उसे सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी COAI से शिकायत मिली है। इसमें कहा गया है कि लाइसेंस प्राप्त टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को एयरपोर्ट परिसर में अपना नेटवर्क लगाने में दिक्कत हो रही है।
इस एयरपोर्ट को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने डेवलप किया है और वही ऑपरेट कर रहा है। इसमें बहुमत हिस्सेदारी Adani Airport Holdings Limited (AAHL) की है। Moneycontrol ने इस पत्र की प्रति देखी है।
एक्सक्लूसिव नेटवर्क का दबाव
30 दिसंबर 2025 की शिकायत के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियों को अपने इक्विपमेंट लगाने के लिए Right of Way यानी RoW की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बजाय उनसे कहा गया है कि वे एयरपोर्ट के अंदर पहले से मौजूद एक एक्सक्लूसिव इन बिल्डिंग टेलीकॉम नेटवर्क का ही इस्तेमाल करें।
इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि इस नेटवर्क के इस्तेमाल के लिए जो शुल्क लिया जा रहा है, वह काफी ज्यादा है और इसे गैरवाजिब बताया जा रहा है।
DoT ने क्या कहा?
DoT ने साफ किया कि Telecommunications Act, 2023 के तहत नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ‘पब्लिक एंटिटी’ माना जाएगा। इसका मतलब है कि यह RoW अनुमति से जुड़े कानूनी ढांचे के दायरे में आता है, जो लाइसेंस प्राप्त टेलीकॉम कंपनियों पर लागू होता है।
विभाग ने यह भी दोहराया कि Telecommunications Act, 2023 और Telecommunications (Right of Way) Rules, 2024 के तहत RoW आवेदन की प्रक्रिया गैर भेदभावपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। साथ ही नियमों में तय समयसीमा और शर्तों के अनुसार अनुमति पर कार्रवाई करना अनिवार्य है।
पत्र में DoT ने कहा, ‘इसके मद्देनजर आपसे अनुरोध है कि अपने परिसर में RoW अनुमति के आवेदनों पर कार्रवाई करते समय नियमों का पालन सुनिश्चित करें।’ विभाग ने AAHL से कहा है कि वह कानूनी ढांचे के अनुसार टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने को आसान बनाए।
क्यों अहम है यह मामला?
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं में से एक है। यह जल्द संचालन शुरू करने की तैयारी में है।
इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट के पहले दिन से ही यात्रियों, एयरलाइंस और संचालन से जुड़ी सेवाओं के लिए अच्छी मोबाइल कनेक्टिविटी जरूरी है। इसलिए स्वतंत्र टेलीकॉम नेटवर्क की समय पर स्थापना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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