
सांकेतिक तस्वीर
हैदराबादः हैदराबाद के कुछ पॉपुलर बिरयानी आउटलेट इनकम टैक्स के राडार पर आ गए हैं। पिछले साल नंवबर में हुई रेड्स के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच इस ओर इशारा कर रही है कि इन आइटलेट्स में बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल गड़बड़ियां पाई गई हैं। जांच में अब कथित तौर पर 2019-20 फाइनेंशियल ईयर से फूड और बेवरेज सेक्टर में देश भर में लगभग 70,000 करोड़ रुपये के एक संदिग्ध टैक्स चोरी नेटवर्क का पता चला है। अधिकारी बिलिंग सॉफ्टवेयर और डिजिटल पेमेंट ट्रेल्स के संभावित हेरफेर की भी जांच कर रहे हैं, जिसमें थर्ड-पार्टी अकाउंट के ज़रिए रूट किए गए UPI ट्रांज़ैक्शन शामिल हैं। डेटा एनालिसिस और वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा होने के बाद टैक्स डिमांड, पेनल्टी और संभावित मुकदमे सहित आगे की कार्रवाई की उम्मीद है।
इनकम टैक्स की जांच में सामने आई ये जानकारी
18 और 19 नवंबर 2025 को, इनकम टैक्स अधिकारियों ने पूरे शहर में मिलकर सर्च ऑपरेशन किया था, इसमें हैदराबाद की जानी-मानी फूड चेन पिस्ता हाउस, शाह गौस कैफे और महफिल पर सर्च किया गया। ये चेन हैदराबाद, दूसरे भारतीय शहरों और दुबई समेत विदेशों में भी कई आउटलेट चलाती हैं।
करीब 50 इनकम टैक्स टीमों ने हैदराबाद में करीब 15 खास जगहों पर जांच की। तलाशी सिर्फ रेस्टोरेंट की जगहों तक ही सीमित नहीं थी; बल्कि होटल ग्रुप से जुड़े चेयरमैन, डायरेक्टर और दूसरे खास मैनेजमेंट स्टाफ के घरों पर भी की गई।
सैकड़ों करोड़ का बिजनेस करते हैं आउटलेट्स
सूत्रों का कहना है कि छापेमारी और इकट्ठा किए गए सबूतों के बाद अधिकारी दबी हुई बिक्री, फाइनेंशियल गड़बड़ियों और बिना हिसाब-किताब वाली इनकम के आरोपों की जांच कर रहे हैं और शुरुआती जांच से पता चलता है कि तीनों चेन मिलकर सालाना सैकड़ों करोड़ का बिजनेस करती हैं। छापे के दौरान, जांच करने वालों ने कथित तौर पर करीब 6 करोड़ रुपये कैश ज़ब्त किया और आगे की जांच के लिए डिजिटल रिकॉर्ड, बिलिंग डेटा और फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट इकट्ठा किए।
यह कार्रवाई शुरू में एक रूटीन टैक्स वेरिफिकेशन लग रहा था, वह बाद में एक बहुत बड़ी जांच में बदल गया। अधिकारियों ने घोषित रेवेन्यू और असली ट्रांज़ैक्शन के बीच अंतर को ट्रैक करने के लिए कथित तौर पर दसियों टेराबाइट्स तक के डिजिटल बिलिंग डेटा का बहुत बड़ा वॉल्यूम एनालिसिस किया।
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