राजस्थान में रमजान के महीने में मस्जिदों से होने वाले ऐलान और अजान के दौरान बजने वाले लाउडस्पीकर को लेकर सवाल उठाए गए हैं. जयपुर शहर की हवा महल सीट से बीजेपी के विधायक बालमुकुंद आचार्य ने सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि रमजान के नाम पर बेवजह लाउडस्पीकर बजाकर बच्चों की पढ़ाई और बीमार लोगों की सेहत से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों और सरकारों की ओर से बनाए गए कानून का पालन करना चाहिए.
बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने रमजान पर मस्जिदों से बजाने वाले लाउडस्पीकरों को लेकर एतराज जताते हुए कहा, ”अगर लाउडस्पीकर के शोर से किसी को दिक्कत होती है तो यह कतई ठीक नहीं है. सभी को समाज का ख्याल रखे जाने की जरूरत है.” हालांकि बालमुकुंद आचार्य ने यह भी दलील दी कि उन्हें अज़ान से दिक्कत नहीं है लेकिन लाउडस्पीकर के शोर की वजह से लोगों को जो परेशानी होती है, वह कतई ठीक नहीं है.
अजान के शोर को लेकर विधानसभा में भी जताया था एतराज
उन्होंने आगे कहा कि सभी धर्मों के लोगों को बेवजह शोर नहीं करना चाहिए. आस्था को लेकर प्रदूषण नहीं करना चाहिए. हालांकि इस बार उन्होंने संयम वाले शब्दों का इस्तेमाल किया है. दो हफ्ते पहले उन्होंने विधानसभा में अज़ान के शोर को लेकर एतराज जताया था.
मंत्री सुरेश रावत ने क्या कहा?
हालांकि रमजान के मौके पर लाउडस्पीकर बजाए जाने के उनके एतराज से उनकी पार्टी और सरकार के ही तमाम लोग सहमत नहीं हैं. इस बारे में जब राजस्थान सरकार के मंत्री सुरेश रावत से सवाल पूछा गया तो उन्होंने सीधे तौर पर पल्ला झाड़ लिया. मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि इस बारे में जिसने एतराज जताया है, वही जवाब देगा. वहीं, कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य के एतराज जताए जाने का विरोध किया है.
रमजान के चांद का दीदार
उधर, जयपुर में रमजान के चांद का दीदार हो गया है. कल (19 फरवरी) से रोजे रखे जाएंगे. कल से रमजान महीने की शुरुआत होगी. हालांकि बुधवार (18 फरवरी) को जयपुर समेत राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए हुए हैं. लोगों की गवाही के आधार पर चांद देखे जाने की तस्दीक हुई. मस्जिदों में तरावीह यानी रमजान की विशेष नमाज की शुरुआत हो गई. राजस्थान के साथ ही यूपी समेत कई दूसरे राज्यों में भी लोगों ने चांद का दीदार किया. लोग एक दूसरे को रमजान महीने की मुबारकबाद दे रहे हैं.
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