LIC का बड़ा दांव, TCS और HCL Tech में बढ़ाई हिस्सेदारी, SBI जैसे बैंकों से बनाई दूरी – lic bets big on it stocks like tcs hcl tech coforge but trims exposure in banking stocks like sbi

एलआईसी ने आईटी स्टॉक्स में निवेश बढ़ाया है, जबकि दूसरे इनवेस्टर्स इन स्टॉक्स से पैसे निकाल रहे हैं। देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी ने आईटी शेयरों में करोड़ों रुपये निवेश किए हैं। इनमें कई दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयर शामिल हैं। एलआईसी ने बैंकिंग सहित कुछ दिग्गज एनर्जी कंपनियों के शेयरों में अपना निवेश घटाया है।

बीते कुछ हफ्तों से आईटी शेयरों में लगातार बिकवाली

बीते कुछ हफ्तों से आईटी शेयरों पर लगातार दबाव दिख रहा है। 18 फरवरी को Nifty IT Index 1.23 फीसदी गिरा। सबसे ज्यादा 2.14 फीसदी की गिरावट एलटीआईमाइंडट्री के शेयरों में आई। टीसीएस, विप्रो, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा के शेयर भी कमजोरी के साथ बंद हुए। बीते एक महीने में निफ्टी आईटी इंडेक्स 16 फीसदी से ज्यादा फिसला है।

एलआईसी का शेयरों में 17 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश

LIC देश की सबसे बड़ी संस्थागत निवेशक है। 283 कंपनियों के शेयरों में इसने कुल 17.83 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। प्राइम डेटाबेस के मुताबिक, एलआईसी ने दिसंबर तिमाही में टीसीएस के करीब 3,136 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसे एचसीएल टेक के शेयरों में करीब 2,293 करोड़ रुपये का निवेश किया। कोफोर्ज के शेयरों में भी इसने निवेश बढ़ाया। इससे आईटी शेयरों में एलआईसी का निवेश 1.82 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2.17 लाख करोड़ रुपये हो गया।

एलआईसी के पोर्टफोलियो में आईटी शेयरों की बढ़ी हिस्सेदारी

एलआईसी के कुल निवेश में आईटी शेयरों की हिस्सेदारी 11.32 फीसदी से बढ़कर 12.43 फीसदी हो गई। हालांकि, दिसंबर 2025 के अपने पीक से आईटी स्टॉक्स 30 फीसदी तक गिर चुके हैं। आईटी शेयरों में बिकवाली की बड़ी वजह नए एआई टूल्स हैं। हाल में एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने ऐसा एआई टूल्स लॉन्च किए, जो ज्यादातर उन कामों को कर सकता है, जो आईटी कंपनियां करती हैं। इससे आईटी कंपनियों के बिजनेस पर असर पड़ने का डर है। आईटी शेयरों में बिकवाली की यह वजह है।

एसबीआई सहित दिग्गज बैंकिंग शेयरों में घटाया निवेश

देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी ने बैंकिंग शेयरों में निवेश घटाया है। उसने एसबीआई के 3,080 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। एचडीएफसी बैंक के 1,528 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। उसने बैंक ऑफ बड़ौदा के 1,173 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। इससे एलआईसी के पोर्टफोलियो में फाइनेंशियल शेयरों की हिस्सेदारी 27.21 फीसदी से घटकर 26.52 फीसदी पर आ गई है। दिसंबर में फाइनेंशियल्स शेयरों में एलआईसी के निवेश की वैल्यू 4.64 लाख करोड़ रुपये थी।

इन बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली 

एलआईसी ने एलएंडटी के 2,442 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज के 2,367 करोड़ रुपये के शेयर भी बेचे हैं। उसने हिंडाल्को के 2,307 करोड़ रुपये और वेंदाता के 1,491 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। उसने सेल में भी अपनी हिस्सेदारी घटाई है। एलआईसी ने अदाणी पोर्ट्स और मारुति सुजुकी में भी अपना निवेश घटाया है।

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