बांग्लादेश की नई सरकार ने भारत के साथ क्रिकेट के रिश्तों को पटरी पर लाने की साफ कोशिश शुरू कर दी है. खेल राज्य मंत्री अमीनुल हक ने 18 फरवरी 2026 को शपथ ग्रहण के ठीक बाद भारतीय उप उच्चायुक्त से संसद भवन में मुलाकात की और T20 वर्ल्ड कप से जुड़े पूरे विवाद को जल्द से जल्द सुलझाने पर जोर दिया.
भारत से बिगड़े रिश्तों पर क्या बोला बांग्लादेश?
अमीनुल हक ने मंत्रीपद की शपथ के बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘मैंने भारतीय उप उच्चायुक्त से मुलाकात की. हमने T20 वर्ल्ड कप के मुद्दे पर खुलकर बात की. बातचीत बहुत दोस्ताना और ईमानदार थी. मैंने उन्हें साफ कहा कि हम सभी समस्याओं को बातचीत से जल्दी हल करना चाहते हैं. बांग्लादेश भारत के साथ खेल के साथ-साथ हर क्षेत्र में अच्छे और ईमानदार रिश्ते चाहता है.’
अमीनुल हक ने यह भी माना कि कूटनीतिक मुश्किलों की वजह से बांग्लादेश T20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा नहीं ले सका. उन्होंने कहा, ‘जैसा कि सब जानते हैं, डिप्लोमैटिक मुद्दों के कारण हम वर्ल्ड कप नहीं खेल पाए. अगर ये बातें पहले सुलझ जातीं, तो हमारी टीम मैदान पर होती.’
क्रिकेट ग्राउंड पर हुआ पूरा विवाद क्या है?
यह मामला तब शुरू हुआ जब IPL 2025 के लिए बांग्लादेश के स्टार तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को अचानक ड्रॉप कर दिया गया. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने इसे राजनीतिक फैसला बताया और दोनों बोर्डों के बीच बातचीत ठप हो गई. इसी तनाव की वजह से बांग्लादेश ने T20 वर्ल्ड कप में खेलने से इनकार कर दिया था. दोनों तरफ से बयानबाजी हुई, सोशल मीडिया पर बहस चली और क्रिकेट फैंस के बीच काफी नाराजगी फैली.
अब अमीनुल हक की यह पहली बड़ी पहल है. उन्होंने साफ कहा कि BCCI और BCB के बीच जो जटिलताएं बनी हुई हैं, उन्हें खत्म करना जरूरी है. उन्होंने कहा, ‘अब पुरानी बातों को छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए. खेल मैदान पर होना चाहिए, न कि राजनीति में.’
नई BNP सरकार का संदेश क्या है?
2026 के चुनाव में BNP की जीत के बाद तारिक रहमान सरकार ने ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ का नारा दिया है, लेकिन पड़ोसी देशों के साथ संतुलित और सकारात्मक रिश्तों पर भी जोर दिया है. खेल मंत्री की यह मुलाकात उसी नीति का हिस्सा लगती है. उन्होंने कहा कि खेल के रिश्ते मजबूत होने से दोनों देशों के लोगों के बीच भी करीबी बढ़ेगी.
अभी तक BCCI की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक दोनों बोर्ड जल्द ही बातचीत शुरू कर सकते हैं. अगर सब कुछ ठीक रहा तो भविष्य में द्विपक्षीय सीरीज और संयुक्त टूर्नामेंट्स की राह आसान हो सकती है.
यह मुलाकात क्रिकेट के मैदान से ज्यादा महत्वपूर्ण है. यह दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली का पहला कदम है. फैंस अब उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही मैदान पर फिर से भारत-पाकिस्तान की तरह ही भारत-बांग्लादेश का रोमांच देखने को मिलेगा.
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