चेक बाउंस मामले पर अमीषा पटेल ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ‘सेटलमेंट के बाद भी झूठे आरोप….’

2017 के एक कार्यक्रम विवाद के मामले में उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद की एक अदालत ने बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है. वहीं अब एक्ट्रेस ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. इंस्टाग्राम स्टोरीज पर अमीषा ने इन खबरों पर रिएक्शन देते हुए मामले को पुराना और सुलझा हुआ बताया.

गैर जमानती वॉरंट जारी होने की खबरों पर अमीषा ने तोड़ी चुप्पी
अमीषा पटेल ने अपने इंस्टा स्टोरी पर शेयर किए गए नोट में लिखा, “मीडिया रिपोर्ट्स में पवन वर्मा द्वारा मुरादाबाद में कुछ कार्यवाही किए जाने का जिक्र है. मैं सभी को इंफॉर्म करना चाहती हूं कि यह बहुत पुराना मामला है जो कई साल पहले का है, जिसमें पवन वर्मा ने सेटलमेंट डीड साइन की थी और पूरी तय राशि हासिल की थी. इसके बावजूद ऐसा लगता है कि उन्होंने झूठे आरोप लगाकर कार्यवाही शुरू की है. मेरे वकील इस शख्स के झूठ को बेनकाब करने के लिए उसके खिलाफ धोखाधड़ी की उचित क्रिमिनल प्रोसिडिंग्स शुरू कर रहे हैं, जबकि मैं अपने काम पर ध्यान देना चाहती हूं और उन लोगों को नजरअंदाज करना चाहती हूं जो झूठे बहाने से ध्यान आकर्षित करने के लिए तमाशा खड़ा करते हैं.”

चेक बाउंस मामले पर अमीषा पटेल ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 'सेटलमेंट के बाद भी झूठे आरोप....
क्या है पूरा मामला
यह घटनाक्रम मुरादाबाद की एक अदालत द्वारा 2017 में हुई एक शादी के कार्यक्रम की बुकिंग से जुड़ी शिकायत का संज्ञान लेने के बाद सामने आया है. मामले की डिटेल के मुताबिक, इवेंट ऑर्गेनाइजर पवन वर्मा ने आरोप लगाया कि अमीषा से 16 नवंबर, 2017 को एक शादी में परफॉर्मेंस देने के लिए कॉन्ट्रेक्ट किया गया था, जिसके लिए 14.50 लाख रुपये का एडवांस पेमेंट किया गया था. मुरादाबाद के दिल्ली रोड स्थित एक होटल में उनके ठहरने का इंतजाम कथित तौर पर पूरा हो चुका था. शिकायत में कहा गया है कि अभिनेत्री तय तारीख पर शहर नहीं पहुंचीं. इसमें आगे आरोप लगाया गया है कि बाद में हुई बातचीत के बाद मामूली धनवापसी की गई.

खबरों के मुताबिक 10 लाख रुपये नकद लौटा दिए गए, जबकि 4.50 लाख रुपये का एक चेक कथित तौर पर बाउंस हो गया, जिसके चलते आयोजक को कानूनी कार्रवाई का सहारा लेना पड़ा.

अदालती कार्यवाही और बचाव पक्ष का रुख
शिकायत दर्ज होने के बाद, अदालत ने अमीशा को पेश होने के लिए कई समन जारी किए. कार्यवाही के दौरान उनकी गैरमौजूदगी के कारण उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किया गया. हालांकि, उनकी कानूनी टीम का कहना है कि विवाद सालों पहले एक ऑफिशियल एग्रीमेंट के जरिये सुलझा लिया गया था और तय राशि का पूरा भुगतान कर दिया गया था. बचाव पक्ष ने इस नई कार्यवाही को एक बंद मामले को फिर से उठाने की कोशिश बताया है और संकेत दिया है कि आरोपों का खंडन करने के लिए उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे. अब यह मामला अदालत में आगे बढ़ेगा, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क देंगे.

 

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