‘जब तक हमारी भूमिका..’, यूक्रेन और रूस के युद्ध पर अमेरिका का बड़ा बयान, रूबियो बोले- वॉर खत्म करना चाहते हैं ट्रंप

जिनेवा में होने जा रही त्रिपक्षीय वार्ता से पहले अमेरिका के विदेश मंत्री का बयान सामने आया है. यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध को लेकर अमेरिका की तरफ से शांति को लेकर हो रही कोशिशों पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अपनी बात रखी है. अमेरिका की भूमिका को लेकर दुनिया भर से प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. रूबियों ने कहा है कि जब तक हमारी भूमिका सकारात्मक रहेगी, हम ये करते रहेंगे. 

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा है, ‘ये उन कुछ युद्धों में से हैं, जो मैंने कभी देखें हैं. ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के कुछ लोग इस युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के लिए आपकी बुराई करते हैं. जब तक हमारी भूमिका और हस्तक्षेप सकारात्मक रहेगा, हम यही करेंगे.’

ट्रंप इस युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करना चाहते हैं: रूबियो

इससे पहले रूबियों ने रविवार को कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस और यूक्रेन युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करना चाहते हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर कहा कि यूक्रेन की सुरक्षा और रक्षा-आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के विषय पर यूक्रेनी राष्ट्रपति से मुलाकात की.  राष्ट्रपति ऐसा समाधान चाहते हैं, जिससे खून-खराबा हमेशा के लिए खत्म हो जाए. 

17-18 फरवरी को जिनेवा में होनी है त्रिपक्षीय वार्ता

यूक्रेन, रूस और अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय वार्ता होनी है. यह वार्ता 17 से 18 फरवरी के बीच स्विट्जरलैंड के जिनेवा में होने की उम्मीद है. म्युनिख सुरक्षा सम्मेलन में जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन एक ऐसे समझौते के लिए तैयार है, जो हमारे लिए और यूरोप के लिए वास्तविक शांति लाएगा. यूरोप वार्ता की मेज पर मौजूद नहीं है, यह एक बड़ी गलती है. 

ईरान में बने हालात पर क्या बोले रूबियो? 
रूबियों ने ईरान को लेकर कहा कि राष्ट्रपति ईरान को शांति के लिए किसी भी तरह की बात करने के लिए तैयार हैं, लेकिन अब ये मुश्किल हो गया है. क्योंकि ईरान लगातार धार्मिक फैसले ले रहा है. जियोपॉलिटिकल फैसले का आभाव साफ नजर आता है. 

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा से सुखद नतीजे पसंद करते हैं. किसी से भी बात करने को तैयार हैं. लेकिन यह मुश्किल होगा. हम कट्टरपंथी शिया मौलवियों से भी मुलाकात कर रहे हैं. यह लोग धार्मिक फैसले ले रहे हैं, जियोपॉलिटिकल फैसले नहीं. 

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