जल जीवन मिशन में फिर फूटी ‘भ्रष्टाचार की टंकी’, जबाव दें जलशक्ति मंत्री और एसीएस अनुराग श्रीवास्तव

महोबा। यूपी में जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) की बदहाली खबरें आना आम बात हो चुकी है। अभी हाल में भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत (BJP MLA Brijbhushan Rajput) और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह (Water Power Minister Swatantradev Singh) के बीच हुई झड़प ने योजना की बदहाली की पोल खुल गई थी। बता दें कि महोबा जिले ब्लॉक जैतपुर के ग्राम नगाराडांग में नमामि गंगे योजना (Namami Gange Scheme) के तहत संचालित जल जीवन मिशन की हर घर नल से जल योजना में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। योजना के तहत निर्मित पानी की टंकी टेस्टिंग के महज एक दिन बाद ही चिटक गई। इससे हजारों लीटर पानी बह कर बर्बाद हो गया। अब टंकी के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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ग्राम नगाराडांग में घर-घर पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2025 में टंकी का निर्माण कराया गया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पेयजल आपूर्ति घर- घर पहुंचाने के लिए 13 फरवरी को टेस्टिंग के लिए टंकी में पाइप लाइन से पानी भरा गया। इसके बाद 14 फरवरी को दोपहर तीन बजे के आसपास टंकी चिटक गई और लीकेज से बड़ी मात्रा में पानी नीचे गिरने लगा।

टेस्टिंग के एक दिन बाद ही टंकी में लीकेज से निर्माण कार्य की गुणवत्ता सामने आ गई। इससे जल जीवन मिशन के तहत तैयार की गई पानी की टंकी के निर्माण पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मिशन के तहत खोदी गई सड़कों को दुरुस्त न कराने व कई गांवों में पानी न पहुंचने की समस्या पर चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत व प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बीच हुई कहासुनी का मामला सुर्खियों में है। जल शक्ति मंत्री ने 30 दिन के अंदर नमामि गंगे योजना के तहत सभी गांवों में घर-घर जल पहुंचाने के लिए निर्देश दिए हैं। इसके बाद से जल जीवन मिशन योजना का काम आनन-फानन में किया जा रहा है। ग्राम प्रधान गायत्री ने टंकी फटने के मामले की शिकायत डीएम गजल भारद्वाज व एडीएम नमामि गंगे से की है। आरोप लगाया कि टंकी निर्माण में बड़े स्तर पर सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने पानी की टंकी की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

शासन के सूत्रों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत बनाई टंकियों में सिर्फ 60 से 70 फीसदी पानी भरने का लिखित तो नहीं मौखिक आदेश दिया गया है। इससे ये बात साफ हो जाती है कि शासन भी जल जीवन मिशन हुए भ्रष्टाचार अच्छी तरह से वाकिफ है। तभी तो उसको ऐसा फरमान जारी करना पड़ रहा है। जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार की बात आते ही अपरमुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव के नाम की चर्चा होने लगती है। शासन सूत्रों का कहना है कि दिल्ली दरबार में टीम गुजरात की पसंद हैं। उन पर यहां चाहते हुये भी कोई कठोर निर्णय नहीं ले पायेगा।

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