खामेनेई का खात्मा, सत्ता परिवर्तन, परमाणु-मिसाइल प्रोग्राम का अंत… डोनाल्ड ट्रंप ने बताए ईरान पर अटैक के ठोस कारण

US Iran Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के हालात सुधारने के लिए सत्ता परिवर्तन को सबसे बेहतर उपाय बताया है। साथ ही उन्होंने ईरान पर अटैक करने की ठोस वजहें भी बताई हैं। राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का खात्मा जरूरी है। ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को बंद करना जरूरी है। इसलिए अमेरिका ने ईरान के खिलाफ मिडनाइट हैमर ऑपरेशन चलाने का प्लान बनाया है।

एक और युद्धपोत अरब सागर में हुआ तैनात

ईरान के साथ परमाणु वार्ता को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि खामेनेई की सरकार का पतन होना ही सबसे अच्छा और फायदेमंद रहेगा। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में एक और एयरक्राफ्ट कैरियर USS फोर्ड भेज दिया है। इससे पहले अरब सागर में USS अब्राहम लिंकन तैनात है। हजारों सैनिक, फाइटर जेट और मिसाइलें तैनात है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ मिडनाइट हैमर ऑपरेशन चलाने का प्लान बनाया है, जिसके चलते क्षेत्रीय युद्ध का खतरा भी बढ़ गया है।

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ईरान के साथ डील करना बेहद मुश्किल काम

राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि ईरान के साथ परमाणु डील को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन ईरान के साथ डील होना मुश्किल लग रहा है। पहली वार्ता में समझौता होने की उम्मीद थी, लेकिन समझौता हुआ नहीं। इसलिए मिडिल ईस्ट में 2 एयरक्राफ्ट कैरियर, 100 से ज्यादा फाइटर जेट, 50 गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर और हजारों सैनिक तैनात किए गए हैं, जो ईरान पर हमला और अमेरिका के सैन्य ठिकानों की ईरान के हमले से रक्षा दोनों के लिए तैयार किए गए हैं.

इस बार सरकारी और सैन्य ठिकाने भी टारगेट

राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया अमेरिका ने पिछले साल ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने के लिए ‘मिडनाइट हैमर’ ऑपरेशन चलाया था, लेकिन उस समय अमेरिका के स्टील्थ बॉम्बर्स परमाणु ठिकानों पर बम गिराकर लौट आए थे, जिसके जवाब में ईरान के कतर में अमेरिका के सैन्य बेस पर हमला किया था, लेकिन इस बार अमेरिका के बॉम्बर ईरान के सरकारी और सुरक्षा ठिकानों को भी निशाना बना सकते हैं। परमाणु ठिकाने तो पूरी तरह तबाह किए जाने हैं।

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ईरान मिसाइलों से जवाबी हमला करने में सक्षम

राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि आज ईरान के पास बहुत बड़ा मिसाइल स्टॉक है, जिसके साथ ईरान हमले का जवाब देने में सक्षम है। अगर दोनों देशों के बीच हमलों का सिलसिला लंबे समय तक चला तो मध्य पूर्व में क्षेत्रीय युद्ध छिड़ सकता है। ओमान में पिछले हफ्ते अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के संकेत दिए थे, लेकिन ईरान बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम बंद करने के लिए तैयार नहीं है।


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