जयपुर में वैलेंटाइन डे पर VHP की दो टूक, कहा- पश्चिमी कल्चर नहीं, भारतीय संस्कार अपनाएं

जयपुर में वैलेंटाइन डे को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने सनातन धर्म मानने वालों से खास अपील जारी की है. परिषद का कहना है कि वैलेंटाइन डे पूरी तरह से पश्चिमी संस्कृति से जुड़ा हुआ है और भारतीय परंपराओं के खिलाफ है. संगठन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे इस दिन को न मनाएं और भारतीय संस्कृति और संस्कारों को प्राथमिकता दें.

परिषद की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हमें वेस्टर्न कल्चर को बढ़ावा नहीं देना चाहिए. भारतीय सभ्यता में प्यार और स्नेह जताने के लिए किसी एक खास दिन की जरूरत नहीं होती.

प्यार के इजहार का भारतीय तरीका

परिषद का कहना है कि अगर प्रेम का इजहार ही करना है तो हमारे अपने धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व मौजूद हैं, जैसे राधा अष्टमी या अन्य पारंपरिक अवसर. प्यार एक भाव है, जिसे किसी एक दिन में बांधा नहीं जा सकता. संगठन ने कहा कि वैलेंटाइन डे जैसी परंपराएं भारतीय समाज की मर्यादाओं से मेल नहीं खातीं.

राष्ट्रीय प्रवक्ता अमितोष परीक ने कहा कि परिषद का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक जागरूकता फैलाना है. उन्होंने साफ किया कि उनका संगठन किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करता है.

हिंसा का समर्थन नहीं, पर संस्कृति पर जोर

अमितोष परीक ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने कभी भी हिंसा करने जैसा कोई बयान नहीं दिया है. समाज में किसी को भी डराने, धमकाने या नुकसान पहुंचाने का अधिकार नहीं है.

हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि पश्चिमी संस्कृति को बढ़ावा देना कतई उचित नहीं है. उनके मुताबिक जैसे धीरे-धीरे क्रिसमस और न्यू ईयर के सेलिब्रेशन से दूरी बनाई गई है, वैसे ही वैलेंटाइन डे को भी समाज में बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए.

शिवसेना पर भी साधा निशाना

इसी मुद्दे के दौरान अमितोष परीक ने उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी शिवसेना (उद्धव गुट) पर भी निशाना साधा. मुस्लिम समुदाय के मेयर बनाए जाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के सामने सरेंडर कर दिया है.

उनका आरोप है कि शिवसेना अब हिंदुत्व और राष्ट्रवादी पहचान से दूर हो चुकी है. परीक ने कहा कि यह अब बाला साहब ठाकरे की शिवसेना नहीं रही, बल्कि सत्ता के लिए समझौता करने वाली पार्टी बन गई है.

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