Muthoot Finance Share Price: Q3 में शानदार मुनाफे के बावजूद 12% लुढ़का, ब्रोकरेज का भरोसा बरकरार; क्या है उम्मीद – muthoot finance share slips upto 12 percent despite of strong earnings in q3 brokerages see further upside check price target and rating

गोल्ड लोन NBFC मुथूट फाइनेंस के शेयरों में 13 फरवरी को दिन में 12.6 प्रतिशत तक की गिरावट दिखी। BSE पर शेयर 3553.40 रुपये के लो तक गया। बाद में शेयर 3576.75 रुपये पर सेटल हुआ।कंपनी के तिमाही नतीजे अच्छे रहने और ब्रोकरेज के पॉजिटिव रुख के बावजूद शेयर में गिरावट आई। कहा जा रहा है कि निवेशकों ने दिसंबर तिमाही की कमाई में उछाल के टिकाऊपन को लेकर चिंता जताई है।

अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी का शुद्ध स्टैंडअलोन मुनाफा सालाना आधार पर 94.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2656.4 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 1363 करोड़ रुपये था। शुद्ध ब्याज आय (NII) 64 प्रतिशत बढ़कर 4467 करोड़ रुपये हो गई। दिसंबर 2024 तिमाही में यह 2721 करोड़ रुपये थी। ऑपरेशंस से स्टैंडअलोन रेवेन्यू 7242.7 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के रेवेन्यू 4423.45 करोड़ रुपये से लगभग 64 प्रतिशत ज्यादा है।

गोल्ड फाइनेंसर्स को सोने की रिकॉर्ड-हाई कीमतों और अनसिक्योर्ड रिटेल लोन के मामले में कड़े नियमों से फायदा हुआ है। कर्ज लेने वाले गोल्ड-बैक्ड फाइनेंसिंग की ओर बढ़े हैं। मुथूट फाइनेंस के तीसरी तिमाही के मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा लोन रिकवरी पर राइट-बैक से आया।

जेफरीज ने मुथूट फाइनेंस के शेयर के लिए 4750 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। रेटिंग “बाय” पर बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने कहा कि तीसरी तिमाही का शुद्ध मुनाफा उसके अनुमान से ज्यादा है। स्टैंडअलोन एसेट्स अंडर मैनेजमेंट यानि कि AUM साल-दर-साल आधार पर 51% बढ़े। लेकिन कम लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो और सोने के टनेज में तिमाही-दर-तिमाही गिरावट के कारण आंकड़ा अनुमान से कम रहा। कोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) में लगातार गिरावट आई। हालांकि, AUM के प्रतिशत के तौर पर ऑपरेटिंग खर्च और क्रेडिट कॉस्ट उम्मीद से बेहतर रहे।

जेफरीज ने कहा कि सोने की मजबूत कीमतें, LTV बफर और ब्रांच बढ़ाने के नियमों में ढील से AUM की अच्छी ग्रोथ को सपोर्ट मिलना चाहिए। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि स्थिर NIMs, AUM के मुकाबले कम ऑपरेटिंग खर्च और कम क्रेडिट कॉस्ट से FY26–28 के दौरान प्रति शेयर कमाई की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट 17% रहनी चाहिए। इक्विटी पर रिटर्न 25% से ज्यादा रहना चाहिए।

CLSA ने ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी

CLSA ने बड़े पैमाने पर कमाई में मजबूती का हवाला देते हुए मुथूट फाइनेंस के शेयर के लिए 4600 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ “आउटपरफॉर्म” रेटिंग बनाए रखी है। ब्रोकरेज ने कहा कि NII, प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) और शुद्ध मुनाफा उसके अनुमान से 6%–8% ज्यादा रहा। लोन ग्रोथ तिमाही-दर-तिमाही 11% और साल-दर-साल 51% की रही। यह अनुमान से लगभग 2 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के बिजनेस मॉडल में बड़ी फिक्स्ड कॉस्ट के कारण ऑपरेटिंग लेवरेज है। CLSA ने कहा कि सोने के टनेज में 2% की लगातार गिरावट और कस्टमर जोड़ने में कमी इस तिमाही के लिए एकमात्र नेगेटिव पॉइंट रहा।

शेयर में तगड़ी गिरावट के चलते मुथूट फाइनेंस का मार्केट कैप कम होकर 1.43 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 42 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में दिसंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 73.35 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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