600 रुपये पर ट्रेड करने वाला शेयर ₹2 तक टूटा, अब NCLT ने मंजूर की बिक्री; जानिए पूरी कहानी – stock that once traded at rs 600 crashes to rs 2 nclt approves sale here s the full story

कभी देश की जानी-मानी EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) कंपनी रही पुंज लॉयड लिमिटेड (Punj Lloyd Ltd) का शेयर एक समय 600 रुपये के आसपास कारोबार करता था। लेकिन भारी कर्ज और कई प्रोजेक्ट के फेल रहने के बाद यह फिसलकर करीब 2 रुपये तक आ गया। अब इस कंपनी से जुड़ा एक बड़ी अपडेट सामने आई है।

कंपनी ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बताया कि लिक्विडेशन प्रक्रिया के दौरान उसे आखिरकार एक खरीदार मिल गया है। यह फैसला न केवल कंपनी बल्कि हजारों कर्मचारियों और निवेशकों के लिए अहम माना जा रहा है।

NCLT ने ‘गोइंग कंसर्न’ के रूप में बिक्री को दी मंजूरी

नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) ने पुंज लॉयड की “गोइंग कंसर्न” के रूप में बिक्री की योजना को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने बताया कि NCLT ने यह मंजूरी 12 फरवरी 2026 को पारित आदेश में दी, जिसकी जानकारी 13 फरवरी को शेयर बाजारों को भेजी गई। ट्रिब्यूनल ने लिक्विडेशन प्रक्रिया के दौरान दाणी इंफ्रा (Adani Infra) को पुंज लॉयड के अधिग्रहण को मंजूरी दी है।

IBC के तहत चला पूरा मामला

यह मामला मूल रूप से ICICI बैंक की ओर से दाखिल दिवालिया याचिका से जुड़ा है। पहले कंपनी के खिलाफ कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) शुरू किया गया था, लेकिन कोई सफल रिजॉल्यूशन प्लान सामने नहीं आया। इसके बाद जून 2022 में कंपनी को लिक्विडेशन में भेज दिया गया।

लिक्विडेशनके दौरान कई ई-नीलामी आयोजित की गई। अंत में अदाणी इंफ्रा (इंडिया) लिमिटेड ने बोली लगाई, जिसे अब NCLT की मंजूरी मिल गई है।

ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया है कि अधिग्रहण “as is, where is” और “as is, what is” आधार पर होगा। यानी कंपनी को उसकी मौजूदा स्थिति में ही लिया जाएगा। पुराने दावे, कानूनी विवाद और देनदारियां खुद से समाप्त नहीं होंगी, बल्कि IBC के नियमों के तहत निपटाई जाएंगी।

हालांकि, अच्छी बात यह है कि कंपनी को “गोइंग कंसर्न” के रूप में कारोबार जारी रखने की अनुमति दी गई है, जिससे कर्मचारियों और प्रोजेक्ट्स की निरंतरता की उम्मीद बढ़ी है।

पतन की कहानी: कर्ज और प्रोजेक्ट विफलता

पुंज लॉयड का कारोबार इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, डिफेंस और हाईवे प्रोजेक्ट्स में फैला था। कंपनी ने सड़क, पाइपलाइन, पावर प्लांट, न्यूक्लियर और गैस प्रोजेक्ट्स जैसे कई बड़े काम किए। लेकिन सबसे बड़ी समस्या इसका बढ़ता कर्ज था। 2019 तक कंपनी पर लगभग 6,000 करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका था। अकेले ICICI बैंक का करीब 854 करोड़ रुपये का बकाया था, जिसने दिवालिया प्रक्रिया की शुरुआत कर दी।

इसके अलावा कई प्रोजेक्ट्स में देरी, लागत में बढ़ोतरी, ग्राहकों से भुगतान में अड़चन और मिडिल-ईस्ट के विदेशी प्रोजेक्ट्स में घाटा कंपनी पर भारी पड़ा। कोरोना-19 और ग्लोबल आर्थिक मंदी ने भी ईपीसी सेक्टर को झटका दिया।

शेयर ट्रेडिंग क्यों बंद?

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि IBC के तहत जब कोई कंपनी CIRP या लिक्विडेशन में होती है, तो उसके इक्विटी शेयरों की ट्रेडिंग निलंबित कर दिया जाता है। इसी वजह से पंज लॉयड के शेयर फिलहाल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बीएसई पर सस्पेंड हैं।

साथ ही, अदाणी इंफ्रा को डीलिस्टिंग की भी मंजूरी मिल चुकी है। भवि ष्य में शेयरधारकों को लिक्विडेशन वैल्यू के आधार पर भुगतान किया जा सकता है।

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