रूस ने अपने पड़ोसी देश जापान की सीमा के नजदीक खाबरोवस्क इलाके में स्थित द्ज्योमगी एयरबेस पर पांचवी पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट Su-57 को तैनात करना शुरू कर दिया है. यह रूसी एयरबेस देश के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले इलाके में स्थित है, जहां अब तक रूस ने कम से कम 15 Su-57 फाइटर जेट्स को तैनात कर दिया है.
Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट्स की तैनाती से पहले इस एयरबेस पर सुखोई-35एस यानी Su-35S फाइटर जेट्स तैनात रहते थे, लेकिन अब पांचवी पीढ़ीं के नए Su-57 लड़ाकू विमानों की जापान के नजदीक तैनाती के पीछे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के इरादों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी हैं.
जापान के नजदीक नए फाइटर जेट्स की तैनाती के पीछे क्या है इरादा?
दरअसल, इस बात की संभावना जताई जा रही है कि रूस का यह कदम जापान को एक जोरदार मैसेज देना हो सकता है, क्योंकि प्रधानमंत्री साने ताकाइची के देश की सत्ता में आने के बाद हो सकता है कि जापान अमेरिका के साथ मिलकर रक्षा को लेकर और मजबूत गठबंधन करे. यह बात भी किसी से नहीं छिपी है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जापान के जरिए रूस के साथ-साथ चीन पर भी आक्रामक कार्रवाई कर सकते हैं. ऐसे में Su-57 लड़ाकू विमान की तैनाती एक रणनीतिक चाल प्रतीत होती है.
अमेरिकी एयरफोर्स को चुनौती देने की दी जा सकती है ट्रेनिंग
रूस के द्ज्योमगी एयरबेस सेंट्रलनाया उगलोवाया एयरबेस के करीब है, जहां पहले से ही Su-35S और MiG-31BM इंटरसेप्टर एयरक्राफ्ट दोनों तैनात हैं. ऐसे में नए Su-57 स्टील्थ लड़ाकू विमान को तैनाती के बाद पुराने एयरक्राफ्ट्स के साथ कॉम्बैट के दौरान ऑपरेट करने की ट्रेनिंग मिल सकती है. इसके अलावा, रूस अपने नए स्टील्थ लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल जापान के नजदीकी इलाकों में टोही मिशनों को अंजाम देने के लिए भी कर सकता है.
अमेरिका के F-35 और F-22 से दोगुना है कॉम्बैट रेडियस
रूस के नए फिफ्थ जेनरेशन एसयू-57 स्टील्थ फाइटर जेट्स का कॉम्बैट रेंज दुनिया के किसी भी अन्य फाइटर जेट्स से ज्यादा है. यहां तक इसका कॉम्बैट रेडियस अमेरिकी वायु सेना के एफ-35 और एफ-22 लड़ाकू विमानों से भी दोगुना है.
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