
Real estate stocks : 12 फरवरी को रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही। इसके साथ ही IT कंपनियों के शेयर भी गिरे हैं। AI से आईटी कंपनियों के लिए कुछ दिक्कतें आने की चिंता बढ़ रही है। इसका असर आईटी और रियल्टी दोनों सेक्टरों के शेयरों पर देखने को मिल रहा है। रियल एस्टेट स्टॉक्स में गिरावट के चलते निफ्टी रियल्टी इंडेक्स दोपहर 12 बजे के आसपास 1.2 फीसदी गिरकर 844.50 के आसपास आ गया। रियल्टी इंडेक्स आज मार्केट के टॉप सेक्टरल लूज़र्स में से एक है। हालांकि निफ्टी IT लगभग 5 फीसदी गिरकर चार महीने के सबसे निचले लेवल पर आ गया है और आज का टॉप सेक्टरल लूज़र बना हुआ है।
अनंत राज और DLF के शेयर 2 फीसदी से ज़्यादा गिरे हैं। बेंगलुरु के जाने-माने रियल एस्टेट डेवलपर्स, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज और शोभा के शेयर 1.5 फीसदी से ज़्यादा गिरे हैं। प्रेस्टीज एस्टेट्स और गोदरेज प्रॉपर्टीज 1 फीसदी से ज़्यादा गिरे हैं। जबकि ओबेरॉय रियल्टी और मैक्रोटेक डेवलपर्स (लोढ़ा) के शेयर मामूली नुकसान के साथ ट्रेड कर रहे हैं।
क्यों गिर रहे हैं IT स्टॉक्स ?
US में जॉब ग्रोथ जनवरी में अचानक बढ़ी है और अनएम्प्लॉयमेंट रेट गिरकर 4.3 फीसदी हो गई है। लेबर मार्केट में स्थिरता के ये संकेत फेडरल रिजर्व को कुछ समय के लिए इंटरेस्ट रेट्स में कोई बदलाव न करने की गुंजाइश दे सकते हैं। ऐसे में पॉलिसी बनाने वालों की नजर ग्रोथ पर होकर महंगाई पर रह सकती है। यूएस में रेट कट की उम्मीद कम होने से आईटी शेयरों पर दबाव बना है। इसके अलावा AI को लेकर उभर रही नई चिंताओं ने भी इन शेयरों पर दबाव बनाया है।
एंथ्रोपिक के लीगल AI टूल लॉन्च करने के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉम्पिटिशन बढ़ा सकता है। इस चिंता की वजह से पिछले हफ्ते की शुरुआत में,IT स्टॉक्स में काफी गिरावट देखी गई थी। एंथ्रोपिक द्वारा अपने क्लाउड AI चैटबॉट के लिए लीगल टूल लॉन्च करने के बाद इन्वेस्टर्स को चिंता है कि AI सॉफ्टवेयर बनाने वालों के लिए और ज़्यादा कॉम्पिटिशन पैदा हो रहा है।
MULTYFI के COO दर्शन राठौड़ का कहना है कई इन्वेस्टर्स का मानना है कि खासकर भारत के IT सर्विसेज़ सेक्टर में, AI अब इंजीनियरों की जगह लेने के लिए तैयार है। इसकी वजह से IT स्टॉक्स में करेक्शन आया है। उन्होंने आगे कहा कि उनके हिसाब से यह रिएक्शन रैशनल से ज़्यादा इमोशनल है।
प्लसकैश के फाउंडर और CEO प्रणव कुमार का भी मानना है कि आज IT स्टॉक्स में जो भारी कमजोरी दिख रही है, वह फंडामेंटल कमजोरी के बजाय सेंटिमेंट करेक्शन ज़्यादा है। उन्होंने आगे कहा कि एडवांस्ड AI प्लेटफॉर्म्स से ट्रेडिशनल सर्विसेज़ रेवेन्यू मॉडल्स में कमी आने के डर से खास कर बड़ी आईटी कंपनियों में बड़े पैमाने पर बिकवाली आई है।
रियल एस्टेट स्टॉक क्यों आई गिरावट?
अगर सच में IT सेक्टर में AI इंसानी इंजीनियरों की जगह ले लेता है तो इससे बड़े पैमाने पर छंटनी होगी। इससे मार्केट में घरों की मांग पर असर पड़ सकता है। इस साल की शुरुआत में भी जब IT की बड़ी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) ने छंटनी की घोषणा की थी तो रियल एस्टेट स्टॉक्स में तेज गिरावट आई थी।
RPS ग्रुप के डायरेक्टर शशांक गुप्ता ने कहा कि बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरी सेंटर्स के लग्ज़री सेगमेंट में कम डिमांड का मुख्य कारण IT लेऑफ़ हो सकता है,क्योंकि इससे ज़्यादा इनकम वाले खरीदार प्रभावित होंगे। उन्होंने आगे कहा कि पहले से कमजोर चल रही मिड-टू-प्रीमियम हाउसिंग की बिक्री पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा क्योंकि आईटी प्रोफेशनल्स घर अपग्रेड करने के बजाय नौकरी की अनिश्चितता के चलते किराए पर रहना पसंद करेंगे।
फोर्टेशिया रियल्टी में GM बिज़नेस डेवलपमेंट केशव मंगला ने एनारॉक के डेटा का हवाला देते हुए बताया कि 2024 से अब तक 1 लाख से ज़्यादा फाइनेंशियल टेक लेऑफ की वजह से टियर-1 शहरों की डिमांड में पहले ही 12 फीसदी की गिरावट आई है, जिससे डेवलपर्स को कैश फ्लो मैनेज करने में मुश्किल हो रही है और उन्हें अपनी इन्वेंट्री बेचनी पड़ रही है।
मंगला ने आगे कहा “ऐसा लगता है कि स्टॉक मार्केट AI के खतरे पर ज़्यादा ध्यान नहीं दे रहा है। उम्मीद है कि जेनरेटिव AI के टूल्स 20-25 फीसदी कोडिंग जॉब्स खत्म कर देंगे। इससे HNI इन्वेस्टमेंट कम हो सकता है जो 30 फीसदी लग्ज़री प्रॉपर्टी लॉन्च को प्रभावित करता।”
गोयल गंगा डेवलपमेंट्स के डायरेक्टर अनुराग गोयल का कहना है IT कर्मचारियों की लगातार छंटनी हो रही है। इस सेक्टर में FY27 तक 2,00,000 तक कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है। यह छंटनी रियल एस्टेट स्टॉक्स के लिए दोधारी तलवार है। IT कर्मचारियों की छंटनी से उन मार्केट में खरीदारी कम हो जाएगी जो ज़्यादातर IT पर निर्भर हैं,जहां देश के 35 फीसदी होम लोन लिए जाते हैं।
गोयल ने आगे कहा कि ब्रिगेड और शोभा की शेयर प्राइस अब तक के सबसे निचले स्तरों पर आ गई है। इसे देख कर लगता है कि निवेशक यह मानकर चल रहे हैं रियल्टी सेक्टर की बिक्री में ठहराव लंबे समय तक टिक सकता है। Q3 2025 में नए लॉन्च की संख्या में 18 फीसदी की गिरावट आई है। स्टॉक मार्केट AI रिस्क को कुछ हद तक ध्यान में रख कर चल रहा है। इंफोसिस जैसी हाइपरस्केलर कंपनियां ऑटोमेशन की ओर बढ़ रही हैं और मिड-लेवल टैलेंट की छंटनी कर रही है। इसके चलते 10 लाख रुपये से 30 लाख रुपये तक के फ्लैटों की मांग पर असर पड़ रहा है।
IT stocks: US जॉब्स डेटा और AI को लेकर नई चिंताओं ने बनाया दबाव, इंफोसिस, TCS, TechM और दूसरे IT स्टॉक्स 5% तक गिरे
क्या कहीं से नजर आ रही है कोई उम्मीद की किरण?
INVasset PMS के बिज़नेस हेड, हर्षल दसानी ने कहा कि IT में छंटनी और AI से एफिशिएंसी में बढ़ोतरी की सुर्खियों ने चिंता बढ़ा दी है,लेकिन मार्केट पहले से ही यह मानकर चल रहा है कि इससे ऑफिस की बढ़ती डिमांड में गिरावट तो आ सकती है लेकिन मार्केट के पूरी तरह से ढ़हने का कोई डर नहीं है। इस समय AI, डिमांड कम करने के बजाय प्रोडक्टिविटी बढ़ाने का ज़रिया ज़्यादा है। इससे जगह के इस्तेमाल का तरीका बदल सकता है,लेकिन यह फिजिकल ऑफिस की ज़रूरत को खत्म नहीं करेगा।” उन्होंने कहा कि प्योर टेक के बाहर दूसरे सेक्टरों में स्टेबल रोज़गार,बेहतर बैलेंस शीट और कम स्पेक्युलेटिव सप्लाई से रेजिडेंशियल डिमांड को सपोर्ट मिल रहा है।
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