Unhealthy Relationship Signs: सितारों की तरह टूट न जाए आपका रिश्ता! जानें क्यों सम्मान के बिना बिखर जाती हैं बड़ी-बड़ी जोड़ियां?

How To Identify A Toxic Relationship: हम अक्सर जब कोई रिश्ता टूटता है या थका देने लगता है, तो उसकी वजह किस्मत, गलत समय या हालात को मान लेते हैं. कोई कहता है टाइम सही नहीं था, कोई ग्रहों की चाल को दोष देता है. लेकिन सच्चाई यह है कि कई रिश्ते इसलिए बिगड़ते हैं क्योंकि उनमें संतुलन नहीं होता. एक देता रहता है, दूसरा सिर्फ लेता रहता है. यही स्थिति रिश्ते को धीरे-धीरे खोखला कर देती है. चलिए आपको बताते हैं कि आसमान के उदाहरण से हम अपनी जिंदगी में क्या सीख सकते हैं. 

सिर्फ इंसानों पर लागू नहीं होती ये चीजें

दिलचस्प बात यह है कि ऐसा सिर्फ इंसानों के रिश्तों में नहीं होता, बल्कि ब्रह्मांड में भी कुछ “रिश्ते” ऐसे ही होते हैं. अंतरिक्ष में कई तारे अकेले नहीं रहते, बल्कि जोड़े में रहते हैं. कुछ जोड़ियां शांत और स्थिर होती हैं, लेकिन कुछ में एक तारा अपने साथी से लगातार ऊर्जा और ताकत खींचता रहता है. समय के साथ एक मजबूत होता जाता है और दूसरा कमजोर होता चला जाता है. 

क्या कहते हैं साइंटिस्ट?

साइंटिस्ट बताते हैं कि ऐसे रिश्तों में शुरुआत में सब सामान्य लगता है. लेकिन जैसे-जैसे एक तारा ज्यादा एनर्जी लेने लगता है, दूसरे पर दबाव बढ़ता जाता है. यह ठीक वैसा ही है जैसे किसी रिश्ते में एक पार्टनर अपनी जरूरतें दबाकर चलता रहे और दूसरा उन्हें नजरअंदाज करता जाए. जब यह असंतुलन ज्यादा बढ़ जाता है, तो अंतरिक्ष में अचानक बड़ा विस्फोट हो जाता है. इसे वैज्ञानिक “नोवा” कहते हैं. मतलब यह कि जरूरत से ज्यादा निर्भरता आखिरकार दोनों को नुकसान पहुंचाती है. देने वाला टूट जाता है और लेने वाला भी खुद को संभाल नहीं पाता. कुछ ऐसे तारकीय रिश्ते भी हैं जहां यह असंतुलन आसपास के पूरे माहौल को बदल देता है. तेज ऊर्जा, झटके और उथल-पुथल फैल जाती है. ठीक वैसे ही जैसे टॉक्सिक रिश्ते सिर्फ दो लोगों को नहीं, बल्कि परिवार और दोस्तों को भी प्रभावित करते हैं.

कैसे टूटते हैं रिश्ते?

कुछ मामलों में यह तनाव इतना बढ़ जाता है कि आसपास का पूरा माहौल प्रभावित होने लगता है. जैसे टॉक्सिक रिश्ते सिर्फ दो लोगों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि परिवार, दोस्तों और मानसिक सेहत तक असर डालते हैं. हमारा सूरज इस मामले में सुरक्षित है क्योंकि वह अकेला है और किसी पर निर्भर नहीं. लेकिन अंतरिक्ष के ये उदाहरण हमें एक सीधी और अहम सीख देते हैं कि चाहे रिश्ता धरती पर हो या ब्रह्मांड में, अगर उसमें बराबरी, समझ और सम्मान नहीं है, तो वह ज्यादा दिन नहीं टिकता. निर्भरता पर टिके रिश्ते शुरू में मजबूत लग सकते हैं, लेकिन लंबे समय में वे दोनों को नुकसान ही पहुंचाते हैं.

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