बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की मांग वाली पदयात्रा संपन्न, क्या बोले अभिनेता राजा बुंदेला?

पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर फिल्म अभिनेता राजा बुंदेला की ‘गांव-गांव, पांव-पांव’ पदयात्रा का बुधवार (11 फरवरी) को महोबा में भव्य समापन हुआ. 18 संगठनों के समर्थन के साथ आल्हा चौक पहुंचे बुंदेला ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है. उन्होंने साफ कहा कि संसाधनों से भरपूर होने के बाद भी बुंदेलखंड का युवा पलायन को मजबूर है, जिसका एकमात्र समाधान अलग राज्य निर्माण ही है. बुंदेलखंड की धरती से एक बार फिर हक और स्वाभिमान की आवाज बुलंद होने लगी है. बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष और फिल्म अभिनेता राजा बुंदेला के नेतृत्व में निकली ‘गांव-गांव, पांव-पांव’ यात्रा 6 फरवरी को खरेला से शुरू होकर चरखारी, पनवाड़ी और कुलपहाड़ होते हुए बुधवार को अब जिला मुख्यालय महोबा पहुंची है.

फूल-मालाओं से हुआ यात्रा का स्वागत

यहां के ऐतिहासिक आल्हा चौक पर स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने फूल-मालाओं के साथ यात्रा का जोरदार स्वागत किया. महोबा मुख्यालय में यात्रा के समापन के दौरान राजा बुंदेला ने सीधे तौर पर दिल्ली की सत्ता को चुनौती दी. 

यात्रा के समापन के दौरान क्या बोले राजा बुंदेला

इस यात्रा के समापन के दौरान अभिनेता राजा बुंदेला ने कहा कि जिस बुंदेलखंड के पास खनिज संपदा, पर्यटन और प्रचुर बिजली-पानी है, वहां का युवा आज मजदूरी के लिए दर-दर भटक रहा है. 18 अलग-अलग संगठनों ने अपने मतभेद भुलाकर एक मंच पर आकर इस आंदोलन को नई धार दी है. पत्रकारों से रूबरू होते हुए बुंदेला ने कहा कि भाजपा हमेशा से छोटे राज्यों की पक्षधर रही है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही बुंदेलखंडियों को उनका अलग राज्य सौंपेगी.

यात्रा को मिला हर वर्ग का समर्थन

उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यह लड़ाई किसी राजधानी के विवाद में नहीं उलझेगी, बल्कि इसकी गूंज सीधे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के सामने दिल्ली की दहलीज पर सुनाई देगी. इस आंदोलन की खास बात यह रही कि इसे समाज के हर वर्ग का समर्थन मिला. 

6 दिनों तक चली है यह यात्रा

इस यात्रा में वकीलों, व्यापारियों समेत छात्र-छात्राओं ने भी शामिल होकर बुंदेलखंड राज्य की मांग को जायज ठहराया. 6 दिनों तक चली यह पदयात्रा भले ही बुधवार (11 फरवरी) को समाप्त हो गई हो, लेकिन इसने बुंदेलखंड के युवाओं में अपने अधिकारों के प्रति एक नई अलख जगा दी है.

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