India-US डील के बाद पाकिस्तान-अमेरिका के रिश्ते टूटने की कगार पर, ख्वाजा आसिफ ने कहा-ट्रंप ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह यूज किया

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (बाएं) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (दाएं)- India TV Hindi
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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (बाएं) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (दाएं)

इस्लामाबादः भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील फाइनल होने के बाद पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों में बड़ी दरार देखने को मिल रही है। हालात बता रहे हैं कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच मुनीर और शहबाज शरीफ की चापलूसी के जरिये ट्रंप से बनाए गए रिश्ते अब टूटने के कगार पर हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका और ट्रंप के खिलाफ सदन में बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने ट्रंप पर आरोप लगाया है कि अमेरिका ने पाकिस्तान को टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल करके फेंक दिया। 

क्या बोले पाक रक्षा मंत्री?

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में दिए चौंकाने वाला बयान में कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका को क्या-क्या नहीं दिया…. अपना पोर्ट दिया, एयरस्पेस दिया…जो उसे अफगानिस्तान में युद्ध में काम आया, लेकिन वाशिंगटने ने पाकिस्तान को इस्तेमाल करके बाद में उसे “टॉयलेट पेपर की तरह फेंक दिया। आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान ने सोवियत संघ के खिलाफ और 2001 के बाद अमेरिका के नेतृत्व वाले युद्धों में हिस्सा लिया, लेकिन यह धार्मिक जिहाद नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ और बड़े वैश्विक शक्तियों का समर्थन हासिल करने के लिए था। 


मुनीर और शहबाज का ट्रंप से बनाया संबंध क्या टूटने वाला है?

पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के इस बयान से साफ है कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा ट्रंप की चापलूसी करके बनाया गया पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों में भारी कड़वाहट घुल रही है। दोनों देशों के बीच का यह संबंध कभी भी टूट सकता है। यह पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका होगा। ख्वाजा का यह बयान तब सामने आया है, जब अमेरिका ने भारत के साथ ट्रेड डील की है। इसके बाद अमेरिका का झुकाव भारत की ओर अधिक हो गया है। 

ख्वाजा ने पूर्व पाक जनरल की तीखी आलोचना की   

ख्वाजा आसिफ ने पूर्व सेना प्रमुखों जनरल जिया-उल-हक और परवेज मुशर्रफ की भी तीखी आलोचना की है, जिन्होंने अमेरिका को अफगानिस्तान में युद्ध के लिए अपना पोर्ट और एयरस्पेस दिया था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इन युद्धों के लिए अपना पाठ्यक्रम भी बदल दिया, जिसके प्रभाव आज तक बने हुए हैं। अफगानिस्तान की तबाही का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन नीतियों के कारण लाखों लोग प्रभावित हुए, पीढ़ियां बर्बाद हुईं। पाकिस्तान को इस्तेमाल किया गया और फिर छोड़ दिया गया। आसिफ ने जोर दिया कि यह “किराए का युद्ध” था, जिसमें पाकिस्तान को अमेरिका ने रणनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर त्याग दिया। 

अफगानिस्तान की पूर्व सांसद मरियम सोलैमानखिल ने साझा किया पोस्ट

ख्वाजा आसिफ के इस बयान को अफगानिस्तान की पूर्व संसद सदस्य (निर्वासित) मरियम सोलैमानखिल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा किया। उन्होंने  लिखा, “अफगानिस्तान इन नीतियों से तबाह हुआ, अब संसद में खुलेआम स्वीकार किया जा रहा है। दुनिया अब अनजान बनकर नहीं रह सकती।” यह बयान पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों की जटिलता और अफगान युद्धों के दीर्घकालिक प्रभावों को उजागर करता है। पाकिस्तान अब इन पुरानी गलतियों से सीखने और आत्ममंथन की बात कर रहा है, लेकिन इससे क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं। 

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