
Gold-Silver vs Equity: सोने-चांदी की तेजी ने निवेशकों को तेजी से आकर्षित किया और इसकी चमक के आगे इक्विटी मार्केट धुंधला पड़ गया। पिछले महीने जनवरी में गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) और सिल्वर ईटीएफ (Silver ETF) में ₹33,503 करोड़ का नेट निवेश आया जबकि इस दौरान इक्विटी म्यूचुअल फंड में ₹24,013 करोड़ का ही निवेश आया। म्यूचुअल फंड बॉडी AMFI के आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ है। अलग-अलग बात करें तो गोल्ड ईटीएफ में अकेले ₹24,050 करोड़ का निवेश आया जो दिसंबर में ₹11,647 करोड़ के निवेश से लगभग दोगुना अधिक रहा। वहीं सिल्वर ईटीएफ में पिछले महीने ₹9,463 करोड़ का निवेश आया। बाकी ईटीएफ की बात करें तो जनवरी में थीमेटिक और इंडेक्स से जुड़े प्रोडक्ट्स में भी तगड़ा निवेश आया जोकि दिसंबर महीने में ₹13,199 से बढ़कर ₹15,006 करोड़ पर पहुंच गया।
इक्विटी फंड में निवेश की रफ्तार धीमी
पिछले महीने ईटीएफ को लेकर निवेशकों का रुझान दमदार दिखा। वहीं इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में सुस्ती और दिसंबर महीने की तुलना में 14% कम निवेश आया। पिछले महीने लार्ज-कैप फंड्स में ₹2,005 करोड़ का निवेश आया, जबकि दिसंबर में यह ₹1,567 करोड़ था। वहीं दूसरी तरफ मिड-कैप में निवेश घटकर ₹3,185 करोड़ और स्मॉल-कैप फंड्स में निवेश कम होकर ₹2,942 करोड़ रह गया। हालांकि सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स में निवेश ₹946 करोड़ से बढ़कर ₹1,043 करोड़ का निवेश आया। वहीं मंथली एसआईपी ₹31,002 करोड़ पर स्थिर रहा।
क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?
गोल्ड की चमक दुनिया भर में बढ़ी है और इसने गोल्ड ईटीएफ की डिमांड बढ़ा दी। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ जनवरी में ही गोल्ड ईटीएफ में जो निवेश आया, वह देश में इसके कुल AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) का 12.5% है। एनालिस्ट्स के मुताबिक मैक्रोइकनॉमिक अनिश्चितता, मार्केट में गिरावट और उतार-चढ़ाव से बचाव के लिए हेज के रूप में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने इसकी चमक बढ़ाई है। चॉइस एएमसी (Choice AMC) के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर रोचन पटनायक का कहना है कि वर्ष 2025 और 2026 की शुरुआत में मजबूत बढ़त के बाद गोल्ड-लिंक्ड ईटीएफ में गिरावट आई तो निवेशकों ने इसे खरीदारी का मौका माना। उनका मानना है कि सीमित सप्लाई ग्रोथ, जियो-पॉलिटिल रिस्क के बने रहने और केंद्रीय बैंकों की स्थिर मांग से इसे लगातार सपोर्ट मिल रहा है। उनका मानना है कि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में 10-15% इसमें रखना चाहिए।
ग्रो म्यूचुअल फंड (Groww Mutual Fund) के सीईओ वरुण गुप्ता का कहना है कि इक्विटी फंड्स में निवेश की रफ्तार धीमी तो हुई है, लेकिन कई स्कीम कैटेगरी में निवेशकों की दिलचस्पी मजबूत बनी हुई है। उनका कहना है कि गोल्ड ईटीएफ ने इक्विटी फंड्स से बेहतर प्रदर्शन किया है, जो यह दिखाता है कि सोना और चांदी अब मुख्यधारा के पोर्टफोलियो एसेट्स के रूप में वित्तीय रूप से अधिक स्वीकार किए जा रहे हैं।
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