
Textile Stocks: अमेरिका-बांग्लादेश के बीच हुए ट्रेड समझौते के बाद भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में आज 10 फरवरी को तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान गोकलदास एक्सपोर्ट्स के शेयर 5 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 796.45 रुपये तक फिसल गए। वहीं केपीआर मिल और अरविंद के शेयरों में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। पर्ल ग्लोबल इंडस्ट्रीज के शेयर भी 3.5 प्रतिशत से ज्यादा लुढ़क गए।
यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब कुछ दिन पहले ही भारत-अमेरिका ट्रेड डील के ऐलान के बाद इन शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। हालांकि अब बांग्लादेश से समझौते के बाद निवेशकों को आशंका है कि भारतीट टेक्सटाइल कंपनियों को अमेरिका में कड़े कॉम्पिटीशन का सामना करना पड़ सकता है। इसके चलते उन्होंने टेक्सटाइल शेयरों में आज मुनाफावसूली की।
टेक्सटाइल शेयरों में क्यों आई गिरावट?
दोनों देशों की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि इस व्यवस्था के तहत बांग्लादेश से अमेरिका में एक निश्चित मात्रा तक टेक्सटाइल और अपैरल के इंपोर्ट पर जीरो टैरिफ लागू होगा। हालांकि यह मात्रा अमेरिका से बांग्लादेश को एक्सपोर्ट होने वाले अमेरिकी कपास और मैन-मेड फाइबर जैसे टेक्सटाइल इनपुट्स की मात्रा के अनुपात में तय की जाएगी।
इस समझौते ने भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों की अमेरिकी बाजार में कॉम्पिटिटीव स्थिति को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और भारत के बीच हाल ही में घोषित ट्रेड समझौते के तहत, अमेरिका अब भारतीय टेक्सटाइल एक्सपोर्ट पर लगने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ को मौजूदा 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इससे भारतीय कंपनियों को पहले की तुलना में राहत जरूर मिलेगी, लेकिन बांग्लादेशी कंपनियों को कुछ उत्पादों पर जीरो टैरिफ मिलने से मुकाबला और कड़ा हो सकता है।
हालांकि बांग्लादेश से एक्सपोर्ट पर अमेरिका का ओवरऑल टैरिफ दर 19 प्रतिशत है, जो भारत के लिए तय 18 प्रतिशत से थोड़ी ज्यादा है। लेकिन जीरो टैरिफ वाले विशेष प्रावधान ने बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है। अमेरिका और बांग्लादेश ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि यह समझौता दोनों देशों के एक्सपोर्टरों को एक-दूसरे के बाजारों तक अभूतपूर्व पहुंच देगा और लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
भारत-अमेरिका ट्रेड फ्रेमवर्क
भारत और अमेरिका ने 6 फरवरी को रेसिप्रोकल और आपसी फायदे वाले व्यापार को लेकर एक अंतरिम समझौते का फ्रेमवर्क जारी किया था। दोनों देशों ने कहा था कि यह फ्रेमवर्क भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में एक अहम कदम है, जिसकी औपचारिक शुरुआत फरवरी 2025 में हुई थी।
बयान में यह भी कहा गया कि यह अंतरिम समझौता दोनों देशों की साझेदारी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा और यह पारस्परिक हितों और ठोस नतीजों पर आधारित संतुलित व्यापार के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है। इस फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका ने टेक्सटाइल और अपैरल, लेदर और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प उत्पादों और कुछ मशीनरी पर भारतीय एक्सपोर्ट के लिए टैरिफ को 18 प्रतिशत तक घटाने पर सहमति दी है, जो अंतरिम समझौते के सफल निष्कर्ष पर लागू होगा।
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