सरकार नहीं चाहती थी कि मैं नरवणे की किताब पर बात करूं, इसलिए उन्होंने सदन की कार्यवाही रोक दी : राहुल गांधी

Naravane’s Book Row : मोदी सरकार और विपक्ष के बीच चल रहे गतिरोध के चलते सोमवार को भी लोकसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चल नहीं सकी। विपक्ष ने फिर एक बार कथित पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे की किताब पर बोलने कोशिश की। जिसको लेकर सदन में हंगामा देखने को मिला। इस दौरान लोकसभ में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि वह नरवणे की किताब पर बात करूं, इसलिए उन्होंने सदन की कार्यवाही रोक दी गयी।

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दरअसल, दोपहर 2 बजे बाद लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही राहुल गांधी जैसे ही बोलने के लिए उठे, वैसे ही हंगामा शुरू हो गया। राहुल गांधी ने कहा कि मुझे स्पीकर ने कहा था कि वह अपनी बात रख सकते हैं। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- स्पीकर ने ऐसा कुछ नहीं कहा है। फिर राहुल ने कहा- एक घंटा पहले हम स्पीकर से मिले थे।उन्होंने कहा कि बजट पर चर्चा से पहले मैं बोल सकता हूं। क्या आप अपने शब्दों से पीछे जा रहे हैं। पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने राहुल से कहा कि बजट पर बोलना है तो बोल सकते हैं। किसी और विषय पर कोई नोटिस नहीं मिला है। जिसके बाद भारी हंगामें के चलते लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है।

इसके बाद कांग्रेस सांसद राहुल ने मीडिया से कहा, “यह मामला कुछ दिन पहले शुरू हुआ जब नरवणे की किताब सामने आई। सरकार नहीं चाहती थी कि मैं इस पर बात करूं और इसलिए उन्होंने सदन की कार्यवाही रोक दी। मुझे बार-बार बोलने नहीं दिया गया। पहले उन्होंने कहा कि मैं किसी किताब का हवाला नहीं दे सकता। जब मैंने कहा कि मैं एक मैगज़ीन का हवाला दे रहा हूं, तो उन्होंने कहा कि मैं मैगज़ीन का भी हवाला नहीं दे सकता। फिर वे नहीं चाहते थे कि मैं इस मुद्दे पर बिल्कुल भी बोलूं।”

उन्होंने आगे कहा, “रक्षा मंत्री ने यह भी झूठा दावा किया कि किताब पब्लिश नहीं हुई है। जबकि, किताब पब्लिश हो चुकी है और हमारे पास उसकी एक कॉपी है… सच्चाई बहुत साफ है, प्रधानमंत्री सदन में आने से डर रहे थे, सदस्यों की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए कि मैं क्या कह रहा था। वह अब भी डरे हुए हैं क्योंकि वह सच्चाई का सामना नहीं कर सकते। हमारे सदस्यों द्वारा प्रधानमंत्री पर हमला करने का कोई सवाल ही नहीं है।”

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