BSE Q3 Results: शुद्ध मुनाफा तीन गुना बढ़कर ₹602 करोड़, रेवेन्यू भी 62% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर – bse q3 results net profit triples to rs 602 crore revenue up by 62 percent stocks will be in focus

BSE Q3 Results: देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई लिमिटेड (BSE Ltd) सोमवार 9 फरवरी को मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी ने बताया कि 31 दिसंबर को खत्म हुई तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 174 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी के साथ 602 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन भी इस दौरान बढ़कर 45 प्रतिशत हो गया, जबकि एक साल पहले यह 26 प्रतिशत के स्तर पर था।

बीएसई की इनकम में भी तेज उछाल देखने को मिला। दिसंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 62 प्रतिशत की सालाना बढ़त के साथ 1,244 करोड़ रुपये रहा। जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 768.1 करोड़ रुपये था। बाजार में बढ़ती गतिविधियों, नए लिस्टिंग्स और डेरिवेटिव्स सेगमेंट में मजबूत हिस्सेदारी ने कंपनी की कमाई को सहारा दिया।

ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में जबरदस्त सुधार

कंपनी का कंसॉलिडेटेड ऑपरेटिंग EBITDA, जिसमें कोर सेटलमेंट गारंटी फंड (SGF) से होने वाली आय भी शामिल है, सालाना आधार पर तीन गुना बढ़कर 732 करोड़ रुपये पहुंच गया। ऑपरेटिंग मार्जिन भी 31 प्रतिशत से बढ़कर 59 प्रतिशत हो गया, जो लागत नियंत्रण और उच्च ऑपरेटिंग लीवरेज को दर्शाता है।

नई लिस्टिंग्स और फंड रेजिंग में रिकॉर्ड

दिसंबर तिमाही के दौरान बीएसई पर मेन बोर्ड और एसएमई प्लेटफॉर्म को मिलाकर कुल 99 नई इक्विटी लिस्टिंग्स हुईं, जिनके जरिए कंपनियों ने 97,657 करोड़ रुपये जुटाए। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में बीएसई के विभिन्न फंड-रेजिंग प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से इक्विटी, डेट, बॉन्ड्स, कमर्शियल पेपर्स और म्यूचुअल फंड्स सहित कुल 22.4 लाख करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई गई।

केवल तीसरी तिमाही में ही 39 कंपनियों ने 95,272 करोड़ रुपये का फंड जुटाया। बीएसई का एसएमई प्लेटफॉर्म भी लगातार नए मुकाम छू रहा है। 1 फरवरी 2026 को इस प्लेटफॉर्म ने अपनी 700वीं लिस्टिंग पूरी की। खास बात यह रही कि पिछले 100 एसएमई लिस्टिंग्स सिर्फ 179 दिनों में हुईं। अब तक एसएमई कंपनियों ने बीएसई प्लेटफॉर्म के जरिए कुल 14,735 करोड़ रुपये जुटाए हैं और इनकी संयुक्त बाजार पूंजीकरण 1.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।

डेरिवेटिव्स और कैश मार्केट में तेजी

डेरिवेटिव्स सेगमेंट में भी बीएसई का प्रदर्शन मजबूत रहा। Q3 FY26 के दौरान एक्सचेंज ने 772 करोड़ इक्विटी डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स दर्ज किए, जिससे 784 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ। इंडेक्स डेरिवेटिव्स में औसत दैनिक प्रीमियम टर्नओवर रिकॉर्ड स्तर 19,459 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसे खास तौर पर सेंसेक्स इंडेक्स ऑप्शंस में बढ़ती भागीदारी का समर्थन मिला।

कैश मार्केट में औसत दैनिक वॉल्यूम 7,645 करोड़ रुपये रहा, जो निवेशकों की स्थिर भागीदारी को दर्शाता है।

म्यूचुअल फंड और क्लियरिंग सेगमेंट में मजबूती

बीएसई स्टॉर म्यूचुअल फंड (StAR MF) प्लेटफॉर्म पर कुल ट्रांजैक्शन की संख्या सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़कर 21.7 करोड़ हो गई। इस प्लेटफॉर्म का बाजार में हिस्सा 87.4 प्रतिशत तक पहुंच गया। Q3 FY26 में StAR MF से होने वाला रेवेन्यू 14 प्रतिशत बढ़कर 72.5 करोड़ रुपये रहा। जनवरी 2026 में इस प्लेटफॉर्म पर रिकॉर्ड 7.97 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए गए।

बीएसई की क्लियरिंग सहायक कंपनी इंडियन क्लियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (ICCL) ने भी मजबूत आंकड़े पेश किए। इस अवधि में इक्विटी सेटल्ड टर्नओवर 8.14 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि इक्विटी डेरिवेटिव्स प्रीमियम टर्नओवर 12.57 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कुल मिलाकर 364 करोड़ डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स का सेटलमेंट किया गया।

टेक्नोलॉजी और इंडेक्स बिजनेस में विस्तार

बीएसई ने अपनी टेक्नोलॉजी क्षमताओं को भी मजबूत किया है। हालिया अपग्रेड्स के तहत ट्रेड्स-पर-सेकंड क्षमता को नौ गुना तक बढ़ाया गया है, जिससे रिस्क मैनेजमेंट और प्रोसेसिंग क्षमताओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

वहीं बीएसई इंडेक्स सर्विसेज ने अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए 200 से अधिक इंडेक्स शामिल कर लिए हैं। पैसिव फंड्स के तहत एसेट अंडर मैनेजमेंट 2.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो 85 पैसिव स्कीम्स में फैला हुआ है। एसपीडीजेआई की हिस्सेदारी अधिग्रहित करने के बाद कंपनी ने 50 नए इंडेक्स लॉन्च किए हैं। साथ ही, भारतीय रिजर्व बैंक से दो डेट इंडेक्स के लिए मंजूरी मिलने के बाद बीएसई ने इक्विटी से आगे अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और व्यापक किया है।

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