बीते दिनों राजस्थान के श्रीगंगानगर से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक मामला सामने आया था जिसमें एक महिला ने अपने पूर्व प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी. इस हत्या को छिपाने के लिए पत्नी ने झूठे एक्सीडेंट और लूटपाट की कहानी रची थी. लेकिन जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सब सच उगल दिया. इस मामले में आज हम बात करेंगे कि आखिर अंजू की मुलाकात संजू से कब और कैसे हुई थी और उन दोनों के बीच प्यार कैसे पनपा था.
राजस्थान में प्रेमी संजू के हाथों पति की हत्या कराने वाली अंजू की कहानी इंदौर की सोनम रघुवंशी की कहानी से बेहद मिलती-जुलती है. बता दें कि अंजू और संजू के बीच प्यार की शुरुआत साल 2018 में हुई थी, लेकिन करीब 7 साल तक दोनों के बीच कोई संपर्क नहीं हुआ.
आरोप है कि अंजलि उर्फ अंजू ने 30 जनवरी को संजू और उसके दोस्तों के साथ मिलकर अपने पति आशीष की हत्या कर दी. अंजू की शादी को सिर्फ 3 महीने ही हुए थे और इस घटना को अंजाम दिया. बता दें कि अंजू और संजू की पहली मुलाकात 2018 में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी. अंजू वहां एक मेहमान के तौर पर पहुंची थी और वहीं संजू वहां एक वेटर के रूप में लोगों को खाना परोस रहा था. इस शादी समारोह में अंजू और संजू ने एक दूसरे को देखा और प्यार कर बैठे. वहीं, थोड़ी देर की बातचीत के बाद संजू ने अंजू को अपना फोन नंबर दे दिया, लेकिन अंजू के पास कोई मोबाइल नहीं था जिसके कारण कई सालों तक दोनों के बीच कोई संपर्क नहीं हो पाया.
नए मोबाइल फोन के बाद शुरू हुई नई कहानी
इस कहानी में नया मोड़ तब आया जब साल 2024 में अंजू ने अपना एक मोबाइल फोन खरीदा. जिसके बाद अंजू ने संजू द्वारा 7 साल पहले दिए गए उस नंबर को डायल किया. सालों पहले हुई मुलाकात और सिर्फ कुछ घंटों के बाद ही बिछड़े अंजू-संजू के बीच फोन पर लंबी बातचीत होने लगी. जिसके बाद जल्द ही दोनों के बीच की ये दोस्ती प्यार में बदल गई. दोनों एक दूसरे को बहुत चाहने लगे और एक-दूसरे के साथ जिंदगी बिताने की बात करने लगे.
अंजू के घरवाले खोजने लगे शादी के लिए लड़का
वहीं, दूसरी ओर अंजू का बीकॉम पूरा हो चुका था और उसके घर वाले एक अच्छे लड़के की तलाश में थे और अंजू की शादी करवाना चाहते थे. इस बीच घरवालों की तलाश रावला के आशीष पर जाकर खत्म हुई. एमकॉम करने के बाद बीएड कर रहे आशीष से अंजू की शादी तय कर दी गई. परिवार की मर्जी के मुताबिक आशीष से शादी करके वह सादुलशहर से रावला चली गई, लेकिन अंजू आशीष से शादी करके खुश नहीं थी. वहीं, पति की हत्या के 16 दिन पहले अंजलि मायके गई थी.
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान अंजू ने संजू के साथ मिलकर आशीष की हत्या की साजिश रची थी. शादी के बाद दोनों की आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई, लेकिन वे वॉट्सऐप पर लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे. पुलिस ने बताया कि आशीष की हत्या के दिन भी अंजू और संजू के बीच कम से कम 5-7 बार बात हुई थी.
पति की हत्या को लूट दिखाने की कोशिश
30 जनवरी की रात अंजू ने अपने पति आशीष को डिनर के बाद टहलने के लिए कहा. इसके बाद अंजू आशीष को लेकर गांव के एक सुनसान रास्ते पर चली गई. जहां पर प्लान के अनुसार, संजू अपने दो अन्य दोस्तों के साथ झाड़ियों में छुपा हुआ था और जैसे ही मौका मिला वैसे ही संजू ने अपने दोस्तों के साथ आशीष पर हमला कर दिया. रॉड से पीटने के बाद मफलर से उसका गला घोंट दिया गया. इसके बाद अंजलि ने इसे दुर्घटना और लूट दिखाने के लिए अपने प्रेमी को अपने सारे गहने दे दिए. वह बेहोशी का नाटक करते हुए वहीं लेट गई. घटना के बाद एक राहगीर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आशीष को अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जब यह बात सामने आई कि आशीष की मौत गला घोंटने के कारण हुई थी तो पुलिस ने इस मामले की जांच हत्या के एंगल से की. जिसके बाद मामले का सारा सच सामने आया.
Read More at hindi.news24online.com